नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) अब अपने यूट्यूब चैनल पर इस IPL को लेकर बड़ा फैसला किया है. उन्होंने फैसला किया है कि अब वह बचे हुआ IPL टूर्नामेंट में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मैचों का रिव्यू और प्रीव्यू नहीं करेंगे. अश्विन के चैनल पर प्रसन्ना अगोरम इस शो में नियमित मेहमान हैं और पहले साउथ अफ्रीका और आरसीबी के लिए विश्लेषक रह चुके हैं.
उन्होंने अफगानिस्तान के नूर अहमद को चुनने के सीएसके के फैसले की आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब टीम ने पहले ही रविचंद्रन अश्विन (जिन्हें 9.75 करोड़ रुपये में खरीदा गया) और रवींद्र जडेजा के साथ स्पिन अटैक को मजबूत करने की योजना बनाई थी, तब एक और स्पिनर को लेने की क्या जरूरत थी. उनका यह बयान एक विवाद बन गया.
अगोरम का मानना था कि टीम को एक अतिरिक्त बल्लेबाज पर दांव लगाना चाहिए था, बजाय एक और स्पिनर के. इस टिप्पणी के बाद वीडियो को हटा लिया गया, क्योंकि सीएसके की लगातार तीसरी हार के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. इनमें 2008 के बाद पहली बार आरसीबी के खिलाफ घरेलू हार और 2010 के बाद दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पहली हार शामिल है, जिससे टीम अंक तालिका में नौवें स्थान पर खिसक गई है.
अश्विन के चैनल के एडमिन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘पिछले हफ्ते इस मंच पर हुई चर्चाओं की प्रकृति को देखते हुए, हम इस बात को लेकर सतर्क रहना चाहते हैं कि चीजों की व्याख्या कैसे की जाती है. इसलिए हमने इस सीजन के शेष हिस्से में सीएसके के मैचों की कवरेज, चाहे वह प्रीव्यू हो या रिव्यू, नहीं करने का फैसला किया है.’
उनकी ओर से कहा गया, हम अपने शो में आने वाले विभिन्न दृष्टिकोणों की कद्र करते हैं और इस मंच की विश्वसनीयता और उद्देश्य को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारे मेहमानों द्वारा व्यक्त किए गए विचार अश्विन की निजी राय को नहीं दर्शाते.’
शनिवार को जब दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सीएसके की रन-चेज नाकाम हो गई, तो कोच स्टीफन फ्लेमिंग से पूछा गया कि क्या किसी खिलाड़ी के यूट्यूब चैनल पर टीम को लेकर की गई ऐसी चर्चाएं असहज स्थिति पैदा कर सकती हैं?
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फ्लेमिंग ने जवाब दिया, ‘मुझे कोई जानकारी नहीं है. मुझे तो यह तक नहीं पता था कि उसका (अश्विन का) कोई चैनल है, तो मैं उन चीजों को फॉलो नहीं करता. यह मेरे लिए अप्रासंगिक है.’
चार मुकाबलों में सीएसके अब तक 17 खिलाड़ियों को आजमा चुकी है, जिसमें सातों विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं. यह उनकी पारंपरिक रणनीति से बिल्कुल उलट है. इसके अलावा एमएस धोनी की भूमिका को लेकर भी काफी बातें हो रही हैं, खासकर उनकी बल्लेबाजी की शैली और कुछ मैचों में (जैसे आरसीबी के खिलाफ) उनके बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी सवाल उठे हैं.
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