फुटबॉल वर्ल्ड कप में कभी नहीं खेला पाकिस्तान फिर भी हर बार दिखाता है शान, सियालकोट से है खास नाता
पाकिस्तान फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में कभी भी कोई टूर्नामेंट नहीं खेला है लेकिन इस टूर्नामेंट या इस खेल से उसका खास नाता जुड़ा हुआ है. अगर यह कहें कि इस खेल की आत्मा पाकिस्तान में ही बसती है तो गलत नहीं होगा.
पाकिस्तान के सियालकोट शहर का फुटबॉल से खास नाता (तस्वीर: AI से)
Pakistan Playing Big Role in Fifa World Cup: फुटबॉल वर्ल्ड कप के 23वें संस्करण का महाकुंभ अमेरिका-मैक्सिको और कनाडा में शुरू हो चुका है. इस टूर्नामेंट में 48 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें पाकिस्तान का नाम नहीं है. इसके बावजूद पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में ऐसा देश है, जो इसके हर मैच के केंद्र में बना हुआ है. इसकी वजह इस टूर्नामेंट में इस्तेमाल होने वाली बॉल है. फुटबॉल के पिछले कई वर्ल्ड कप या कई अन्य टूर्नामेंट्स में जो बॉल इस्तेमाल होती हैं, वे सभी पाकिस्तान में बनाई जाती हैं.
सियालकोट में बनती हैं दुनिया की 70 फीसदी फुटबॉल
पाकिस्तान का शहर सियालकोट अपने देश ही नहीं पूरी दुनिया में स्पोर्ट्स सिटी के रूप में मशहूर है. यहां टॉप ग्रेड की फुटबॉल भी तैयार होती हैं, जो फीफा समेत सभी स्तर के फुटबॉल टूर्नामेंट में इस्तेमाल होती हैं. खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है दुनिया में फुटबॉल की जितनी भी मांग है, उसके दो-तिहाई (करीब 70 फीसदी) भाग की पूर्ति पाकिस्तान का सियालकोट शहर ही करता है.
यहां के कारीगर हाथ की सिलाई से लेकर थर्मो टेक्नोलॉजी वाली बनाने में माहिर
फुटबॉल बनाने में इस शहर के वर्कर्स इतने हुनरमंद हैं कि वे शहर की लोकल फैक्ट्रीज में ही बॉल के पैनल की हाथ से बढ़िया सिलाई करते हैं. सियालकोट के कारीगर हाथ की सिलाई से लेकर थर्मो से जुड़ने वाली बॉल तक बनाने में माहिर हैं. इस बॉल की मैन्यूफैक्चरिंग का जिम्मा जर्मन कंपनी एडिडास के पास है और एडिडास पाकिस्तान की फॉरवर्ड स्पोर्ट्स से इन बॉल को तैयार कराता है.
इस बार FIFA वर्ल्ड कप के लिए बनी सेंसर वाली स्मार्ट बॉल
इस बार एडिडास ने इस कंपनी के साथ मिलकर खास सेंसर लगी बॉल बनवाई है, जो मैच के दौरान रियल टाइम डाटा कंप्यूटर पर देती है. इस टेकनीक के जरिए मैच अधिकारी बॉल और AI कैमरों से रिकॉर्ड खिलाड़ियों की मूवमेंट को परखकर मैच के मुश्किल फैसलों का रिव्यू करते हैं.
इस बार सियालकोट में बनी है सेंसर वाली स्मार्ट बॉल
सियालकोट की इस कंपनी ने इससे पहले भी कई फीफा वर्ल्ड कप के लिए बॉल तैयार की हैं. 2014 में ब्राजुका, 2018 के लिए बनाई गई टेलस्टार, 2022 कतर वर्ल्ड कप के लिए बनाई गई अल-रिह्ला और 2026 वर्ल्ड कप के लिए बनी ट्रियोंडा बॉल इसी कंपनी में मैन्यूफैक्चर होकर निकली हैं.
पाकिस्तान में ही छिपी है फुटबॉल वर्ल्ड कप की आत्मा
ऐसे में कहा जा सकता है कि वर्ल्ड कप में भाग लेने के मामले में पाकिस्तान की टीम भले दिखाई न दे लेकिन वर्ल्ड कप की असली आत्मा (फुटबॉल) उसी के पास मौजूद है. ummid.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सियालकोट 1982 में स्पेन में आयोजित हुए फीफा वर्ल्ड कप के जमाने से अपनी बॉल इस खेल को बनाकर दे रहा है. तब उस बॉल का नाम एडिडास टैंगो इस्पाना था. इसके बाद से यह शहर फुटबॉल की बड़ी पहचान बन चुका है.
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