
Arun Kumar
2013 में अमर उजाला हिंदी दैनिक अखबार से जुड़ा और यहां 4 साल काम करने के बाद साल 2016 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में खेल डेस्क पर पत्रकारिता की. अब ... और पढ़ें
रणजी ट्रॉफी में इस बार पृथ्वी शॉ महाराष्ट्र की ओर से खेल रहे हैं. सीजन के दूसरे ही मैच में उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ ताबड़तोड़ दोहरा शतक जमा दिया. यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक था, जहां महाराष्ट्र ने 144 रनों से जीत अपने नाम की. उम्मीद थी कि इस मैच में लाजवाब दोहरा शतक जड़ने वाले शॉ को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिलेगा. लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो शॉ का दिल जीतने की जिम्मेदारी उनके कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने संभाल ली.
बता दें चंडीगढ़ में खेले गए इस मैच की पहली पारी में 116 रन बनाने वाले महाराष्ट्र के कप्तान गायकवाड़ को इस खिताब के लिए चुना गया, जिन्होंने मैच की दूसरी पारी में नाबाद 36 रन भी बनाए थे. महाराष्ट्र (313/10) ने पहली पारी के आधार पर चंडीढ़ (209/10) पर 104 रनों की बढ़त हासिल की थी. इसके बाद शॉ ने महाराष्ट्र की दूसरी पारी में चंडीगढ़ की बखियां उखाड़ कर रख दीं और तेज तर्रार दोहरा शतक जमा दिया. शॉ ने सिर्फ 141 बॉल की पारी में यह डबल हंड्रेड अपने नाम किया, जबकि कुल 156 गेंदों की इस पारी में वह 29 चौके और 5 छक्के जमाकर 222 रन पर आउट हुए. पहली पारी में 8 रन पर आउट हुए थे.
Shared Glory, True Spirit
Ruturaj Gaikwad shared his Player of the Match award with Prithvi Shaw, recognising Shaw’s sensational 222-run knock that set up Maharashtra’s victory.
A gesture that speaks volumes — teamwork, respect, and mutual excellence at its best.#mca… pic.twitter.com/yMWHsW7Miq— Maharashtra Cricket Association (@MahaCricket) October 28, 2025
मैच अधिकारियों ने यहां प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब देते हुए इस बात पर ध्यान रखा कि गायकवाड़ ने बैटिंग के लिए मुश्किल हालात में यहां शतक जमाया था, जिससे उनकी टीम को मेजबान टीम पर बढ़त बनाने का मौका मिल गया. लेकिन रुतुराज भी यहां शायद शॉ की पारी को ज्यादा इंम्पैक्टफुल लगी और उन्होंने अपना यह खिताब शॉ के साथ साझा कर दिया.
महाराष्ट्र क्रिकेट असोसिएशन (MCA) ने इस पल का वीडियो सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा, ‘साझा महिला, सच्ची भावना.’ इसके बाद इस कैप्शन में आगे बताया गया, ‘रुतुराज गायकवाड़ अपना प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब पृथ्वी शॉ के साथ साझा करते हुए. यह उस 222 रनों की सनसनीखेज पारी के महत्व को बताता है, जिसने महाराष्ट्र की जीत तय की. एक ऐसा इशारा, जो बहुत कहता है- टीमवर्क, सम्मान और आपसी उत्कृष्टता अपने सर्वोत्तम रूप में.’ 141 बॉल में डबल सैकड़ा जमाने वाले शॉ ने इस पारी में सिर्फ 72 गेंदों पर ही शतक अपने नाम कर लिया था.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Cricket Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.