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RANJI TROPHY 2024: गोवा ने रचा इतिहास, 1 नहीं बल्कि 2 बल्लेबाजों ने जड़ा तिहरा शतक
रणजी ट्रॉफी 2024 में गोवा के दो बल्लेबाजों ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने रणजी ट्रॉफी के इतिहास की सबसे बड़ी नाबाद 606 रनों की साझेदारी की है.
गोवा के स्नेहल कौथानकर और कश्यप बाकले ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ प्लेट ग्रुप मैच के दूसरे दिन रणजी ट्रॉफी के इतिहास की सबसे बड़ी नाबाद 606 रनों की साझेदारी की है. कौथानकर की 215 गेंदों पर 314 रनों की तेज पारी और बाकले की 269 गेंदों पर 300 रनों की पारी की बदौलत गोवा ने महज 93 ओवर में 727/2 का विशाल स्कोर बनाया. जिससे उन्हें अरुणाचल पर पहली पारी में 643 रनों की बढ़त मिली. कौथानकर ने 205 गेंदों पर अपना पहला तिहरा शतक पूरा किया. उनकी पारी में 43 चौके और चार छक्के शामिल थे.
अपने आक्रामक स्ट्रोक प्ले के लिए मशहूर कौथानकर ने पिछले हफ्ते ही मिजोरम के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ 250 रन बनाया था. इस बार उन्होंने अरुणाचल के आक्रमण को ध्वस्त कर दिया. लंच तक वे 305 रन बनाकर नाबाद थे. जबकि उनका बेहतरीन साथ देने वाले बाकले 280 रन बनाकर नाबाद थे.
यह मैच रणजी इतिहास में दूसरी बार हुआ जब दो बल्लेबाजों ने एक ही पारी में तिहरा शतक लगाया. इससे पहले तमिलनाडु के डब्ल्यूवी रमन और अर्जुन कृपाल सिंह ने 1989 में गोवा के खिलाफ़ तिहरा शतक लगाया था. गोवा का 727/2 का स्कोर अब रणजी ट्रॉफी प्लेट डिवीजन में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. जो 2018 में सिक्किम के खिलाफ मेघालय के 826 रन के विशाल स्कोर से पीछे है, और पूरे रणजी ट्रॉफी प्रतियोगिता में नौवें सबसे बड़े स्कोर के रूप में रैंक करता है.
🚨 Record Alert
Goa batters Kashyap Bakle (300*) & Snehal Kauthankar (314*) have registered the highest-ever partnership in #RanjiTrophy history!
An unbeaten 606 runs for the 3rd wicket in the Plate Group match against Arunachal Pradesh 👏
Scorecard: https://t.co/7pktwKbVeW pic.twitter.com/9vk4U3Aknk
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) November 14, 2024
कौथानकर की यह धमाकेदार पारी अब उन्हें भारतीयों द्वारा सबसे तेज प्रथम श्रेणी तिहरे शतकों की सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर ले आई है. उनसे पहले हैदराबाद के तन्मय अग्रवाल और दक्षिण अफ्रीका के मार्को मरैस ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए हैं.
अग्रवाल ने पिछले साल सबसे तेज प्रथम श्रेणी तिहरे शतक का रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने यह उपलब्धि सिर्फ 147 गेंदों में हासिल की थी. इस पारी ने भारतीय दिग्गज रवि शास्त्री के पिछले 39 साल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था.
कौथानकर की शानदार पारी में सिर्फ 146 गेंदों में 200 रन बनाने का मील का पत्थर भी शामिल है. जो रणजी ट्रॉफी के इतिहास में चौथा सबसे तेज दोहरा शतक है. ब्रेक के बाद, कश्यप बाकले ने भी ऐसा ही किया और 269 गेंदों में अपना तिहरा शतक बनाया.
जिसमें 39 चौके और दो छक्के शामिल थे. यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे तेज तिहरा शतक था. दोनों ने मिलकर एलीट कैटेगरी में प्रवेश किया क्योंकि वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 600 से अधिक रन की साझेदारी करने वाली दूसरी जोड़ी बन गए.
उनकी 448 गेंदों में 606 रन की अटूट साझेदारी ने उन्हें केवल श्रीलंका के माहेला जयवर्धने और कुमार संगकारा से पीछे रखा. जिन्होंने 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में 624 रन की साझेदारी की थी. इस ऐतिहासिक पारी ने गोवा को 643 रन की बढ़त दिला दी. जिससे मैच में उसकी स्थिति मजबूत हो गई.
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