Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा की हरकत पर एक्शन, लगा तगड़ा जुर्माना
जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा बैटिंग के दौरान कर्नाटक के फील्डर केवी अनीश से भिड़ गए. इस दौरान उन्होंने गुस्से में अनीश के हेल्मेट पर अपना हेल्मेट ही दे मारा है.
Updated Date:February 25, 2026 10:57 PM IST
By Arun Kumar Edited By Arun Kumar
पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ पहले दो दिन का खेल पूरा होने तक मैच पर अपना दबदबा बना लिया है. दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक उसने 6 विकेट पर 527 रन बना लिए हैं. लेकिन इस मैच का दूसरा दिन खेल के साथ-साथ गलत वजहों से भी सुर्खियों में रहा. यहां जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा एक मौके पर कर्नाटक के युवा खिलाड़ी से ऐसे भिड़ गए कि वह उससे गुत्थम-गुत्थी को तैयार थे.
युवा खिलाड़ी अपनी टीम को उनका विकेट दिलाने के मकसद से शायद इस सीनियर बल्लेबाज की हूटिंग कर रहा था, जो उन्हें बिल्कुल रास नहीं आई और उन्होंने अपने सिर पर पहने हेल्मेट से फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर खड़े केवी अनीश के सिर पर दे मारा. गनीमत थी कि अनीश ने भी हेल्मेट पहना हुआ था. इसके बाद कर्नाटक के सीनियर बल्लेबाज मयंक अग्रवाल बीच बचाव में उतरे और उन्होंने डोगरा के इस व्यवहार पर तीखी नाराजगी भी जताई. बाद में अंपायरों ने घटना को संभाला और डोगरा को उनके गलत व्यवहार के प्रति चेतावनी भी दी.
हालांकि बाद में डोगरा ने अनीश से अपने इस बर्ताव के लिए माफी मांगी थी. लेकिन आयोजकों ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और डोगरा पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है. क्रिकेट के खेल में हेडबट की यह घटना अस्वीकार्य है.
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बता दें यह घटना जम्मू-कश्मीर की पहली पारी के 101वें ओवर की है. कन्हैया वाधावन के साथ बल्लेबाजी कर रहे डोगरा ने कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की एक गेंद पर बाउंड्री लगाई, जिसके बाद उनके और फॉरवर्ड शॉर्ट लेग पर खड़े अनीश के बीच कहासुनी शुरू हो गई. इस बीच डोगरा अनीश की तरफ बढ़े और ऐसा लगा कि उन्होंने हेडबट से कॉन्टैक्ट शुरू किया, जिससे हेलमेट पहने सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी को चोट लगी.
'क्रिकबज' की रिपोर्ट के मुताबिक, डोगरा ने ओवर के अंत में माफी मांगी. लेकिन अनीश ने कथित तौर पर इस माफी को स्वीकार नहीं किया. इस घटना पर कर्नाटक के सीनियर खिलाड़ियों ने भी रिएक्शन दिया. मैच का गरम माहौल शांत नहीं हुआ. इसके तुरंत बाद एक और टकराव देखने को मिला, जब रन लेते समय हुए संपर्क के बाद कर्नाटक के तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाख और वाधावन आमने-सामने आ गए.
बुधवार का खेल खत्म होने के बाद पारस डोगरा ने क्रिकबज से इस वाकये पर कहा, 'यह कोई बड़ी बात नहीं थी, जोश में ऐसा हो गया. खासकर फाइनल खेलते समय इस तरह की नोकझोंक होती रहती है. हमने वहीं पर मामला शांत कर दिया. उसके बाद वह फिर से बातचीत करने लगे.'
इस घटना के दौरान कन्हैया वाधावन नॉन-स्ट्राइकर एंड पर थे. उन्होंने इस घटना को लेकर कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, 'ऐसा होता रहता है. यह खेल का हिस्सा है. स्लेजिंग होती है. यह दोनों तरफ से हो रही थी. थोड़ी हमारी तरफ से और थोड़ी उनकी तरफ से. जानबूझकर कुछ नहीं किया गया. इसे जल्द ही सुलझा लिया गया.'
41 वर्षीय डोगरा की गिनती भारत के घरेलू सर्किट में सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में होती है, जिन्होंने हाल ही में रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में 10,000 रनों का आंकड़ा पार किया है. डोगरा ने फाइनल मैच की पहली पारी में कर्नाटक के खिलाफ 70 रन बनाए.
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)
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Published Date:February 25, 2026 10:57 PM IST
Updated Date:February 25, 2026 10:57 PM IST