
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
नई दिल्ली. भारतीय टीम का 10 टेस्ट मैच लंबा सीजन रविवार को सिडनी टेस्ट में हार के साथ खत्म हो गया. भारत का इस सीजन रिपोर्टकार्ड बहुत ही खराब रहा, जिसके चलते कई बड़ी चीजें उसके हाथ से फिसल गईं. कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) इस पूरे सीजन सवालों के घेरे में दिखाई दिए, जिनका फॉर्म बिल्कुल साथ नहीं दे रहा है. ऑस्ट्रेलिया जाकर रोहित की फॉर्म ने हालत खस्ता हो गई. वह 5 पारियों में सिर्फ 31 रन ही बना पाए और सिडनी टेस्ट से उन्होंने खुद को प्लेइंग XI से बाहर कर दिया. रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी का भरोसा दिलाया है. इस बीच उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने बताया है कि अब रोहित को टेस्ट में वापसी के लिए क्या करने की जरूरत है.
लाड ने कहा कि इस सलामी बल्लेबाज को टेस्ट क्रिकेट की तैयारी के लिए कुछ घरेलू मैच खेलने चाहिए. भारत ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 3-1 से गंवा दी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (ICC WTC 2023-25) के फाइनल में लगातार तीसरी बार जगह बनाने से चूक गया. रोहित, जो अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण सीरीज का पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे, सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में पांचवें टेस्ट में आराम करने से पहले अगली पांच पारियों में 10 रन से अधिक स्कोर नहीं बना पाए. इस खराब प्रदर्शन के लिए सार्वजनिक जांच के दायरे में आ गए.
इसके अलावा, पूर्व क्रिकेटरों और मीडिया ने भी उनके नेतृत्व कौशल पर सवाल उठाए, जिससे भारत को लाल गेंद वाले क्रिकेट में आईसीसी मेजर जीतने का मौका गंवाना पड़ा.
दिनेश लाड ने बताया कि पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित की प्राथमिकताएं विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे विश्व कप जीतना थीं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में हार के बाद कोच ने कहा कि रोहित को टेस्ट क्रिकेट खेलने से पहले घरेलू क्रिकेट खेलने पर ध्यान देना चाहिए.
दिनेश लाड ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, ‘मुझे लगता है कि रोहित के पास केवल दो लक्ष्य हैं- पहला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतना और दूसरा वनडे विश्व कप जीतना. अगर वह चाहते तो उन्हें सभी प्रारूपों (टी20 विश्व कप खिताब के बाद) से संन्यास ले लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने केवल टी20 क्रिकेट से संन्यास लिया. वह अकेले क्रिकेटर नहीं हैं, जो रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. उन्हें टेस्ट मैचों की तैयारी के लिए एक या दो घरेलू मैच खेलने चाहिए.’
द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता ने कहा, ‘टी20 क्रिकेट की वजह से बल्लेबाजों की मानसिकता बदल गई है. वह तकनीकी रूप से मजबूत क्रिकेटर हैं और पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अच्छे रन बनाए थे. अगर हम जीतते हैं, तो लोग रोहित को सर्वश्रेष्ठ कप्तान कहते हैं, लेकिन जब हम हारते हैं तो लोग कहते हैं कि उन्हें कप्तानी नहीं आती.’
टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष के दौर के बाद रोहित चैंपियंस ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल चुनौती के लिए तैयार होंगे. भारत 22 जनवरी से शुरू होने वाले पांच टी20 और तीन वनडे मैचों के लिए इंग्लैंड की मेजबानी करेगा.
(इनपुट: आईएएनएस)
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