वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच विनिंग पारी खेलकर क्या बोले संजू सैमसन, बताया- किसने सिखाया रन चेज

Written By: Arun Kumar Updated by: Arun Kumar
Updated Date:March 2, 2026 12:07 AM IST

संजू सैमसन ने एक छोर को संभाले रख 50 बॉल में 97 रनों की मैच विनिंग पारी खेली. भारत एक छोर से विकेट गंवाता जा रहा था लेकिन संजू ने मैच को भारत की पकड़ से जाने नहीं दिया.

टी20 वर्ल्ड कप में रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मैच में संजू सैमसन भारत की नैया पार लगाने वाले खिलाड़ी बनकर उभरे. इस टूर्नामेंट में लगातार मौका नहीं मिलने से खुद पर डाउट कर रहे संजू ने कहा कि इस पारी के दौरान भी ऐसे ख्याल लगातार मन में आ रहे थे कि 'अगर नहीं हुआ तो क्या होगा' लेकिन उन्होंने हर बार गेंद खेलने से पहले फोकस किया और वर्तमान में रहकर वह बॉल की मेरिट के लिहाज से खेलते रहे और अंत में वह हासिल कर लिया, जिसकी टीम को उनसे दरकार थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि रन चेज का यह गुण उन्होंने किन दिग्गजों से सीखा.

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वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वॉर्टर फाइनल की तरह रहे सुपर 8 मुकाबले में सैमसन ने 50 गेंद में नाबाद 97 रन बनाए, जिसके दम पर भारत ने 5 विकेट से जीत दर्ज की. उन्होंने इस पारी में 12 चौके और 4 छक्के भी जमाए. सैमसन ने मैच के बाद मैच प्रसारणकर्ता से कहा, 'यह सवाल तो हमेशा चल रहा था कि अगर नहीं हुआ तो क्या होगा.'

अपने करियर की बेस्ट पारी खेलते हुए इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा , 'जब भी यह ख्याल आता था तो मैं खुद को वर्तमान में ले आता और गेंद को देखकर, खुद पर भरोसा रखकर खेलता रहा.'

सैमसन ने कहा कि उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा और MS धोनी से लक्ष्य का पीछा करना सीखा है. उन्होंने कहा, 'मैं लंबे समय से इस फॉर्मेट में खेल रहा हूं. 10-12 साल से IPL और एक दशक से देश के लिए खेल रहा हूं. अंतिम एकादश में नहीं रहने पर भी डगआउट से देखकर विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों से सीखा है.'

उन्होंने कहा, 'यह मेरे करियर के सबसे बड़े दिनों में से एक है. मेरे लिए यह सब कुछ है. जिस दिन से खेलना शुरू किया, देश के लिए खेलने का सपना देखा था. मुझे इसी दिन का इंतजार था.'

बता दें संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 5 मैचों की टी20 सीरीज में फ्लॉप रहे थे. इसके चलते एक वक्त पर जहां भारत के मुख्य ओपनर्स में दिखाई दे रहे थे. उनकी जगह इनफॉर्म बल्लेबाज ईशान किशन ने ले ली, जबकि अभिषेक शर्मा को लगातार मौका मिलता रहा.

लेकिन इस टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा जब लगातार फ्लॉप होते रहे थे तो टीम इंडिया को अपनी बैटिंग का संतुलन संवारने के लिए संजू की फिर से जरूरत महसूस हुई और उन्होंने यहां से इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया.

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