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अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर के सपोर्ट में उतरे शार्दुल ठाकुर; कहा- ये उनके लिए एक कठिन दौर है लेकिन...
Mumbai vs Vidarbha, Ranji Trophy 2023-24 Final: पृथ्वी शॉ, श्रेयस अय्यर, अजिंक्या रहाणे और मुशीर खान के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शार्दुल ठाकुर की अर्धशतकीय पारी के दम पर मुंबई ने विदर्भ के खिलाफ पहली पारी में 224 रन का स्कोर खड़ा किया.
मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में फ्लॉप रहे अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को साथी खिलाड़ी शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) का समर्थन मिला है. ठाकुर को भरोसा है कि ये शीर्ष खिलाड़ी जल्द ही फॉर्म में वापसी करेंगे
मुंबई ने वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल मैच की पहली पारी में रहाणे और अय्यर ने 7-7 रन बनाए. वहीं ठाकुर ने 75 रन की पारी खेलकर मुंबई को 224 रन के स्कोर तक पहुंचाया. इसके बाद गेंदबाजी करते हुए ठाकुर ने विदर्भ का पहला विकेट भी लिया. उनके अलावा धवल कुलकर्णी ने दो विकेट लिए, जिसकी बदौलत विदर्भ 31/3 की मुश्किल स्थिति में आ गया.
ठाकुर ने पहले दिन के खेल के बाद कहा, “अजिंक्य पूरे सीजन में रन नहीं बना रहे हैं. वह बेहतरीन फॉर्म में नहीं हैं. हम उन्हें दोष नहीं दे सकते क्योंकि यह उनके लिए सिर्फ एक दौर है जहां वह रन नहीं बना रहे हैं. यह उनके लिए एक कठिन दौर है. श्रेयस [और] अजिंक्य के बारे में मैं यही कहूंगा. ये लोग मुंबई और भारत के लिए मैचविनर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “अभी, यह उनका समय नहीं है; यह उनकी आलोचना करने के बजाय उनका समर्थन करने का समय है क्योंकि आलोचना करना आसान है.”
रहाणे ने अब तक आठ रणजी मैचों में 12.81 की औसत से एक अर्धशतक के साथ सिर्फ 141 रन बनाए हैं. अय्यर इस सीज़न में मुंबई के लिए लगातार नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू सर्किट में उनकी वापसी भी प्रभावशाली नहीं रही. उन्होंने तीन मैचों में 19.33 के औसत से 58 रन बनाए.
ठाकुर ने कहा, “अजिंक्य ने रन नहीं बनाए हैं लेकिन फील्डिंग पर उनका रवैया शीर्ष स्तर का है. मुंबई में अंडर-23 और अंडर-19 क्रिकेट से आने वाले बहुत से युवाओं में वह रवैया नहीं है जो उनके पास है. आप उन्हें स्लिप में देखते हैं, भले ही उन्हें 80 ओवर के लिए मैदान में उतारा जाए, वह चार रन बचाने के लिए तेजी से दौड़ेंगे.”
उन्होंने कहा, “श्रेयस एक बाघ की तरह मैदान के चारों ओर घूमता है. वह मैदान पर वह सब कुछ देता है जो उसके पास है. जब वे ड्रेसिंग रूम में होते हैं तो वे दोनों रोल मॉडल होते हैं.”
अपने साथी खिलाड़ियों का बचाव करते हुए, ठाकुर ने कुछ युवा बल्लेबाजों ने रणजी फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैच में अपने मौकों का फायदा नहीं उठाने पर नाराजगी व्यक्त की.
उन्होंने कहा, “बाकी बल्लेबाजों…हमने एक ग्रुप के तौर पर महसूस किया कि उन्हें बेहतर दृष्टिकोण दिखाना चाहिए था. भूपेन लालवानी से शुरुआत, क्योंकि वह उस ओवर (यश ठाकुर के, जिसमें वह आउट हुए थे) की पहली दो या तीन गेंदों पर बच गए थे और चौथी गेंद पर भी उसने वाइड गेंद का पीछा किया, ये सहीं नहीं था. लालवानी ने 37 और पृथ्वी शॉ ने 46 रन बनाए, लेकिन मुशीर खान (6) और हार्दिक तमोरे (5) असफल रहे.”
ठाकुर ने कहा, “उन्हें जल्दी सीखना होगा क्योंकि मुंबई का ड्रेसिंग रूम आपके खुद के बारे में नहीं है. जब आप यहां खेलते हैं, तो आप टीम के लिए खेलते हैं. आपको अपने व्यक्तिगत स्कोर, अपने खेल को एक तरफ रखना होगा. जब आप 20-25 या 30 रन बनाते हैं, तो अगले रन टीम के लिए होते हैं. उन्हें इसके बारे में सीखना होगा.”
भारतीय ऑलराउंडर ने कहा, “हमें बस एक बल्लेबाजी यूनिट के रूप में [दूसरी पारी में] फिर से एकजुट होने की जरूरत है. एक बल्लेबाजी यूनिट के रूप में हमारे मुश्किल दिन आने वाले हैं. शायद, हम बस एक बैठक करेंगे और मिलकर फैसला लेंगे कि हम पहले तीन या चार विकेट से बोर्ड एक बड़ा स्कोर कैसे बनाएंगे.”
अपनी पारी के बारे में उन्होंने कहा, “मुझे दबाव और मुश्किल भरी परिस्थितियों में खेलना पसंद है. जिस तरह का जीवन मैंने जिया है, पालघर से मुंबई तक ट्रेन में किट बैग से सफर किया, जो कि आसान नहीं था. इसने मुझे मजबूत बना दिया है.”
धवल कुलकर्णी के आखिरी मैच में भावुक हुए ठाकुर
फाइनल के बाद संन्यास लेने वाले कुलकर्णी के बारे में ठाकुर ने कहा कि अपने पुराने साथी को आखिरी बार मुंबई के लिए खेलते देखना भावुक था. ठाकुर ने कहा, “आज सुबह यह पुष्टि हो गई कि वह खेल रहे हैं. यह उनका आखिरी गेम होने वाला था. यह उनके लिए बेहद भावनात्मक पल था. यह मेरे लिए भी एक भावनात्मक पल है क्योंकि मैंने उन्हें बचपन से देखा है. जब मेरे पास जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, तो उन्होंने मुझे कुछ जोड़ी जूते दिए.”
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