OMG: अरे भईया असली शिखर धवन कौन है? इस हमशक्ल की कहानी भी जानिए

उत्तर प्रदेश के राम बहादुर को सैलून वाले के बताने से पहले इस बात का कतई अहसास नहीं था कि वह शिखर धवन के डुप्लीकेट दिखते हैं. लेकिन जब अहसास हुआ तो फिर शिखर को ही अपना हीरो मान लिया.

Published date india.com Updated: December 18, 2023 4:16 PM IST
Shikhar Dhawan With Duplicate
शिखर धवन और उनका डुप्लीकेट @Instagram

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के फैन्स अपने चहेते क्रिकेटर्स की कामयाबी के साथ उनका स्टाइल भी खूब फॉलो करते हैं. इस बीच किसी खिलाड़ी के साथ किसी फैन्स का चेहरा क्या मैच कर जाए, दूसरे फैन्स के सामने वह भी सेलीब्रिटी बन जाते हैं. कुछ ऐसा ही बलिया, उत्तर प्रदेश के राम बहादुर के साथ हुआ है, जिन्हें शुरुआत में यह अहसास नहीं था कि वह शिखर धवन जैसा दिखते हैं. लेकिन धवन को जब भारतीय क्रिकेट में 2 से 3 साल हो गए और वह अपनी छाप छोड़ने लगे तो एक दिन राम बहादुर एक सैलून में अपना हेयरकट और शेविंग करा रहे थे. यहां सैलून वाले ने उनसे कहा कि वह तो बिल्कुल शिखर धवन से मिलते हैं.

रामबहादुर बताते हैं कि फिर क्या था. उसने बोला और मैंने भी ध्यान दिया और फिर शिखर धवन की तस्वीर दिखाकर मेरे चेहरे से मैच कराया तो मुझे अहसास हुआ कि सैलून वाला सही कह रहा है. इसके बाद मैंने अपनी मूछों को देखा तो शिखर धवन का डुप्लीकेट होने का अहसास मुझे रोमांचित करने लगा. 27 साल के रामबहादुर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से इस सिलसिले में काफी बातचीत की है.

वह बताते हैं कि इसके बाद शिखर धवन को लेकर उनकी दिलचस्पी बढ़ती चली गई और उन्होंने बाजार से इस स्टार क्रिकेटर का एक पोस्टर खरीदकर अपने रूम में लगा लिया. वह घर पर भी बार-बार उस पोस्टर को निहार रहे थे और शीशे में देखकर शिखर धवन से अपनी तुलना कर रहे थे. उन्होंने बताया कि वह तब से ही उसी सैलून में जाते हैं और शिखर धवन वाला हेयर कट कॉपी करते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी अपने नाम के साथ धवन नाम जोड़ लिया है.

शिखर धवन जैसा लुक बनाने के बाद राम बहादुर ने उन्हें करीब से देखने का विचार किया और वह टीम इंडिया और आईपीएल के मैच देखने के लिए जाने लगे. आखिरकार साल 2015 में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH vs DC) के एक मैच में शिखर धवन से उनकी मुलाकात हो गई और धवन भी उन्हें देखकर काफी खुश हो गए.

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इस बारे में राम बहादुर बताते हैं, ‘9 मई को रायपुर में दिल्ली और हैदराबाद का मैच था. वहां काफी गर्मी और उमस थी लेकिन मैं हैदराबाद की टीम बस का इंतजार करने लगा. जब टीम बस आई और उसमें से शिखर निकले तो उन्होंने मुझे देखते ही गले लगा लिया. यह मेरी पहली मुलाकात थी और इसके बाद से हम इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे से बात कर लेते हैं. शिखर मेरी हर बात का जवाब देते हैं. इतना ही नहीं वह मुझे अकसर भारत के मैचों के टिकट भी उपलब्ध करा देते हैं.’

राम बहादुर अब शिखर को अपना हीरो मानते हैं और उन्होंने अपने बेटे का नाम भी जोरावर रखा है, जो शिखर के बेटे का नाम भी है. इतना ही नहीं उन्होंने शिखर की बेटी की तरह ही अपनी बेटी का नाम भी आलिया रखा था.

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