
Bharat Malhotra
भारत मल्होत्रा के पास डिजिटल मीडिया का 17 साल का अनुभव है. आईपीएल 2008 से करियर की विधिवत शुरुआत हुई. तब से कुछ ब्रेक के साथ आईपीएल और क्रिकेट ... और पढ़ें
Indian Cricket Team New Jersey Sponsor: भारतीय क्रिकेट टीम को नया जर्सी स्पॉन्सर मिल गया है. टीम की जर्सी पर अब ओपोलो टायर(Apollo Tyres) का नाम लिखा होगा. मंगलवार, 16 सितंबर को इस बात का ऐलान हुआ. साल 2027 तक अब अपोलो टायर ही टीम इंडिया (Team India) की जर्सी स्पॉन्सर होगी. अपोलो टायर की कहानी किसी फिल्म की तरह है. एक वक्त था जब यह कंपनी सिर्फ एक रुपये में बिकने वाली थी. लेकिन आज इसकी कीमत 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है.
अपोलो टायर आज देश की देश की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनियों में से एक है. 1947 में बंटवारे का दर्द झेलकर सरदार रौनक सिंह का परिवार भारत आया था. कई साल के संघर्ष के बाद उनके परिवार ने इतनी बड़ी कंपनी तैयार की है. ओंकार सिंह कंवर ओपोलो टायर्स के सह-संस्थापक रौनक सिंह के बड़े बेटे हैं. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ओंकार सिंह ही कंपनी के चेयरमैन हैं. उनका जन्म अविभाजित भारत के सियालकोट शहर में हुआ था. पिता ने पाइप का बिजनेस शुरू किया.
ओंकार ने अपनी उच्च-शिक्षा अमेरिका से हासिल की. वहां उन्होंने कुछ वक्त तक नौकरी भी की. साल 1964 में भारत आने के बाद वह पारिवारिक बिजनेस का हिस्सा बने. और कुछ वक्त बाद उन्होंने टायर के बिजनेस में उतरने का फैसला किया. और 1972 में अपोलो टायर्स की शुरुआत हुई.
डीएनए की एक रिपोर्ट कहती है कि एक वक्त ऐसा आ गया था कि जब उनका बिजनेस बंद होने की नौबत आ गई थी. 1975 में इमरजेंसी के दौरान ओंकार कंवर के पिता कंपनी को सिर्फ एक रुपये में बेचना चाहते थे. लेकिन ओंकार ने कंपनी को संवारा और दोबारा इसे पटरी पर लेकर आए.
अपोलो टायर ने टीम इंडिया जर्सी की नीलामी 579 करोड़ रुपये में जीती है. कंपनी ने साल 2027 तक टीम की जर्सी की स्पॉन्सरशिप जीती है. इन तीन साल में भारतीय टीम 121 द्विपक्षीय और 21 आईसीसी मैच खेलेगी.
गुड़गांव की यह कंपनी 100 से ज्यादा देशों में अपना बिजनेस करती है. इसके अलावा केन्वा और जेके सीमेंट ने भी बोली लगाई थी. केन्वा ने 544 करोड़ और जेके सीमेंट ने 477 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.
इस हिसाब से देखें एक मैच के लिए अपोलो टायर करीब 4.77 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा. हालांकि आईसीसी के मैचों के लिए बोर्ड को स्पॉन्सर की ओर से कम भुगतान किया जाता है. बोर्ड ने हालांकि द्विपक्षीय मैचों के लिए 3.5 करोड़ और वर्ल्ड कप के लिए 1.5 करोड़ रुपये की कीमत रखी थी.
इससे पहले ड्रीम11 भारतीय टीम की जर्सी का स्पॉन्सर था. लेकिन भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन रीयल मनी गेमिंग कंपनी पर बैन लगाने के बाद ड्रीम 11 ने बीच में ही स्पॉन्सरशिप छोड़ दी थी.
वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली सीरीज से टीम इंडिया की जर्सी पर अपोलो टायर्स का नाम लिखा होगा. इसके बाद भारतीय टीम वाइट बॉल सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएगी.
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