मोहम्मद शमी के बाद टिम साउदी भी बोले- ICC गेंद पर लार लगाने की फिर से दे इजाजत

ICC ने कुछ रिसर्च में इस दावे के बाद कि बॉल पर लार लगाने से स्विंग या रिवर्स स्विंग होने का कोई संबंध नहीं है. इसे सितंबर 2022 में पूरी तरह से बैन कर दिया था.

Published date india.com Published: March 7, 2025 9:21 AM IST
Tim Southee
टिम साउदी, भारत के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान @ICC

नई दिल्ली. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भले ही कई वैज्ञानिक रिसर्च के बाद बॉल पर लार लगाने को पूरी तरह बैन कर दिया था. लेकिन कई क्रिकेटर अभी भी ऐसा मानते हैं कि बॉल पर स्लाइवा यानी लार लगाने से बॉल को स्विंग कराने में खास मदद मिलती है और आईसीसी को इस बैन को फिर से हटा देना चाहिए. खिलाड़ियों को गेंद पर लार लगाने की परमिशन फिर से मिलनी चाहिए. हाल में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने यहा मांग की थी और अब इस कड़ी में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी (Tim Southee) भी शामिल हो गए हैं. उन्होंने भी शमी की इस बात का समर्थन किया है.

ICC ने कोविड-19 महामारी आने के दौरान, जब क्रिकेट को बायो बबल में शुरू किया था, तब मई 2020 में उसने एक अस्थाई उपाय के रूप में खिलाड़ियों को गेंद चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. सितंबर 2022 में, आईसीसी ने इसे स्थाई रूप से बैन कर दिया. चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की 4 विकेट की जीत के बाद, शमी ने कहा, ‘हम (रिवर्स स्विंग हासिल करने की) कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गेंद पर लार के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है. हम अपील करते रहते हैं कि हमें लार का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि हम खेल में रिवर्स स्विंग वापस ला सकें और यह दिलचस्प बन जाए.’

शमी की इस मांग का समर्थन करते हुए, साउदी ने आईसीसी से गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर बैन हटाने और गेंदबाजों को कुछ लाभ देने की अपील की. साउदी ने ईएसपीएन क्रिकइंफो के मैच डे पर कहा, ‘यह नियम कोविड के कारण लाया गया था, क्योंकि वायरस दुनिया भर में फैल रहा था, लेकिन मुझे लगता है कि एक गेंदबाज के तौर पर आप थोड़ा लाभ चाहते हैं. हम खेल को उसी तरह आगे बढ़ते हुए देखते हैं, जिस तरह से यह चल रहा है और इस फॉर्मेट में टीमें 362 और अक्सर 300 से अधिक स्कोर बनाती हैं. मुझे लगता है कि गेंदबाजों के पक्ष में कुछ होना चाहिए, और चाहे वह थोड़ा सा लार हो, तो हां, मुझे नहीं लगता कि वे इसे वापस लाने का जोखिम क्यों नहीं उठा सकते.’

ब्लैक कैप्स के अनुभवी तेज गेंदबाज ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि गेंद के एक तरफ चमकाने और रिवर्स स्विंग को प्रेरित करने के लिए लार का उपयोग करना, सफेद गेंद की तुलना में लाल गेंद वाले क्रिकेट में अधिक प्रभावी है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि गेंद शुरू में कुछ ओवरों तक ही स्विंग करती है (सफेद गेंद वाले क्रिकेट में). लेकिन लाल गेंद के साथ, आप इसे वापस लाने में सक्षम हैं, और जाहिर है, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कई बार पसीने की मात्रा सीमित हो सकती है, जबकि लार के लिए आप साफतौर से कई स्रोतों से और दुनिया के सभी हिस्सों में पहुंच सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि गेंद पर लार लगाने का एक फायदा है, शायद सफेद गेंद वाले क्रिकेट की तुलना में लाल गेंद वाले क्रिकेट में अधिक.’

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(इनपुट: आईएएनएस)

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