
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया में मजबूत इरादों के साथ उतरी टीम इंडिया की परफॉर्मेंस इरादों जैसी नहीं दिखी और इसके चलते वह 5 टेस्ट की सीरीज में चौथे टेस्ट के बाद 1-2 से पिछड़ गई है. पर्थ टेस्ट में जीत दर्ज करने वाली टीम इंडिया को पिंक बॉल टेस्ट में हार मिली, जिसके बाद ब्रिसबेन टेस्ट में वह बारिश के चलते हार से बच गई, जबकि मेलबर्न में सोमवार को खत्म हुए बॉक्सिंग डे टेस्ट में उसे 184 रनों से हार का सामना करना पड़ा है. भारत इस मैच में ड्रॉ करा सकता था लेकिन उसकी लचर बल्लेबाजी यहां सम्मान नहीं बचा पाई और उसने मैच के अंतिम सत्र में 7 विकेट गंवाकर सभी को निराश कर दिया.
इस सीरीज में दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के प्रदर्शन पर भी कई सवालिया निशान हैं. इस हार के बाद उनके टेस्ट करियर को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है. दोनों की बल्लेबाजों आलोचकों के निशाने पर हैं. लेकिन पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने विराट कोहली के प्रति नरमी दिखाई है.
मांजरेकर ने कहा कि विराट कोहली आधुनिक समय के महान टेस्ट खिलाड़ी के रूप में अपने कद के कारण रोहित शर्मा से ज़्यादा छूट के हकदार हैं. मांजरेकर ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘मुझे कहना होगा कि टेस्ट बल्लेबाजों के तौर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच कोई तुलना नहीं है.’
उन्होंने कहा, ‘विराट कोहली सबसे आगे हैं. वह एक बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाज हैं और रोहित शर्मा भी एक अच्छे टेस्ट बल्लेबाज हैं. रोहित की सफेद गेंद की बल्लेबाजी शानदार थी. इसलिए विराट कोहली को निश्चित तौर पर लंबे समय तक खेलने का हक है. यह विराट कोहली के बारे में इतना नहीं है. मैं जानना चाहता हूं कि भारत के बल्लेबाजी कोच क्या कर रहे हैं? हम इतने बेहतरीन खिलाड़ी की स्पष्ट समस्या का समाधान नहीं कर सकते.’
कोहली ने अपने 122 मैचों के टेस्ट करियर में 30 शतकों सहित 9,207 रन बनाए हैं. वह भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने हुए हैं, जिन्होंने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया में विदेशी सीरीज जीत भी शामिल है. दूसरी ओर, रोहित ने 67 टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने 4,302 रन बनाए हैं. हालांकि उनके टेस्ट करियर में कुछ यादगार पारियां शामिल हैं, लेकिन यह उनकी बेजोड़ सफेद गेंद की विरासत के सामने फीका पड़ गया है.
रोहित शर्मा ने हाल के महीनों में टेस्ट बल्लेबाज और कप्तान के तौर पर एक भूलने वाला प्रदर्शन किया है. मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, उन्होंने पांच पारियों में 6.20 की औसत से सिर्फ 31 रन बनाए हैं. ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में किसी मेहमान कप्तान के लिए सबसे खराब प्रदर्शन है. बॉक्सिंग डे टेस्ट ने रोहित की मुश्किलें और बढ़ा दीं, क्योंकि अंतिम दिन 340 रनों का पीछा करते हुए वे 40 गेंदों पर 9 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए. भारतीय कप्तान ने सितंबर से टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ 164 रन बनाए हैं, उनका औसत 10 से थोड़ा ज्यादा है.
मांजरेकर ने रोहित की स्थिति का आकलन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा, ‘यह वास्तव में रोहित शर्मा पर निर्भर नहीं है. यदि आप प्रोटोकॉल और टीम चयन के पदानुक्रम को देखें, तो चयनकर्ताओं के अध्यक्ष के पास निर्णय लेने का अधिकार है. उनके पास भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे अच्छा करने की शक्ति है, इसलिए यह रोहित शर्मा के बारे में इतना नहीं है, आप जानते हैं, भविष्य क्या होना चाहिए, यह तय करना. चयनकर्ता के अध्यक्ष के पास यह शक्ति है. यह रोहित के साथ है और वह निराशा में डूबा हुआ दिखता है. विराट कोहली एक अलग मुद्दा है.’
(एजेंसी: आईएएनएस)
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