जब कोहली ने मेरी तरफ निराशा से देखा तो मैं अपनी नौकरी छोड़ना चाहता था: पूर्व भारतीय कोच

आर श्रीधर ने 2014 से 2021 तक विराट कोहली की अविश्वसनीय टीम के फील्डिंग कोच के रूप में काम किया है.

Updated: February 26, 2023, 5:20 PM IST

पूर्व भारतीय फील्डिंग कोच आर श्रीधर (R Shridhar) ने खुलासा किया कि 2015 टेस्ट मैच में भारत के दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद वो अपनी नौकरी छोड़ना चाहते थे. श्रीधर ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए दिल्ली टेस्ट मैच को अपने कोचिंग करियर के सबसे कठिन समय में से एक बताया.

हाल ही में प्रकाशित अपनी किताब ‘कोचिंग बियॉन्ड: माई डेज़ विद द इंडियन क्रिकेट टीम’ में पुरानी यादों को ताजा करते हुए, पूर्व भारतीय फील्डिंग कोच ने खुलासा किया कि वो दिल्ली में 2015 के टेस्ट मैच के बाद अपनी नौकरी छोड़ना चाहते थे.

उन्होंने कहा, “मैंने भारतीय टीम के साथ अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में कुछ कठोर सबक सीखे. जिसमें से सबसे प्रभावशाली समय दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2015 सीरीज के अंतिम टेस्ट में आया था. हमने पहले ही 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी, और पांचवे दिन चाय तक ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका हमें लगातार तीसरी जीत हासिल करने से रोकने में सफल हो सकता है.”

श्रीधर ने कहा, “एक डेड ट्रैक पर एबी रनों का अंबार लगा थे, वहीं उन्हें हाशिम अमला और फाफ डु प्लेसिस से समर्थन मिल रहा था. मैच के आखिरी समय तक दक्षिण अफ्रीका ने केवल पांच विकेट खोए थे. हम दिसंबर की उस उदास शाम को एक प्रयास करने जा रहे थे, लेकिन अगर बात इस पर आई तो हम हार के साथ संतुष्ट होने को तैयार थे.”

उन्होंने कहा, ‘चाय के समय, हमने रिवर्स स्विंग पर थोड़ी चर्चा की. ये निर्णय लिया गया कि उमेश यादव अश्विन के साथ अटैक शुरू करेंगे. हमने उमेश से कहा कि वो अपने गेंदबाजी वाले हाथ को थोड़ा नीचे करें और अपने कान से थोड़ा दूर गेंद फेंके ताकि रिलीज के कोण में बदलाव उसे रिवर्स हासिल करने में मदद करेगा. तभी मेरी नजर गेंद से हट गई.”

पूर्व भारतीय फील्डिंग कोच ने आगे कहा, “टीम की चर्चा खत्म हो गई, मैं दोनों टीमों के कॉमन एरिया में गया और दक्षिण अफ्रीकी पक्ष के वीडियो विश्लेषक और एक पुराने मित्र प्रसन्ना अगोरम के साथ बातचीत शुरू कर दी. मुझे समय का पता नहीं लगा पाया.”

श्रीधर ने कहा, “आम तौर पर, जब तक खिलाड़ी सेशन की शुरुआत के लिए मैदान पर वापस आते हैं, तब तक मैं कैचिंग स्टेशन स्थापित कर चुका होता हूं; अगर कोई कुछ वार्म-अप गेंद फेंकना चाहता है तो मैं एक दस्ताने के साथ तैयार रहूंगा. इस शाम, मैं वो सब भूल गया जब अचानक मैंने किसी को जोर से ‘श्री भाई, श्री भाई’ कहते हुए सुना.”

श्रीधर ने जब कोहली को देखा, जो तत्कालीन भारतीय फील्डिंग कोच से खुश नहीं थे. “जब मैंने मैदान से आवाज़ सुनी तो मैं एक सेकंड के लिए ठिठक गया. मैंने अपनी घड़ी पर एक नज़र डाली और मेरा दिल डूब गया. मैं तेजी से दौड़ता हुआ मैदान पर आया, लेकिन जब तक मैं वहां पहुंचा अंपायर पहले ही आ चुके थे और भारतीय टीम भी उनके पीछा आ रही थी. विराट पीछे मुड़ा और आखिरकार मुझे देख लिया. उसका चेहरा न्यूट्रल था, लेकिन उसने अपनी बाहें फैला दीं और अपने कंधे उचका दिए. आपको ये समझने के लिए बॉडी लैंग्वेज का विशेषज्ञ होने की जरूरत नहीं है कि वो क्या संदेश देना चाह रहा है.”

कोहली की टीम ने 143.1 ओवर में प्रोटियाज को 143 रन पर समेट कर दिल्ली टेस्ट जीता और सीरीज 3-0 से अपने नाम की. हालांकि, निराश श्रीधर भारत की जीत का जश्न मनाने के मूड में नहीं थे. यहां तक कि उन्होंने श्रीधर ने नौकरी छोड़ने के बारे में भी सोचा लिया था.

श्रीधर ने कहा, “चाय के बाद का सेशन शानदार रहा. उमेश ने शानदार गेंदबाजी की, साहा ने अपनी दाहिनी ओर छलांग लगाई, अश्विन ने एबी को बैकवर्ड शॉर्ट लेग पर आउट किया और खेल पल भर में बदल गया. लेकिन उसमें में कुछ भी (मेरे दिमाग में) दर्ज नहीं हुआ. मैं इतना निराश हो गया था कि मैं अपने कर्तव्य में विफल हो गया था. ये सीरीज का आखिरी सेशन था और मैंने अपनी नजर गेंद से हटा ली थी.”

उन्होंने कहा, “जब कप्तान ने मुझे निराशा के साथ देखा, तो मेरे दिमाग में पहला विचार ये आया कि मुझे भारतीय टीम से दूर चले जाना चाहिए, अपनी नौकरी छोड़ देनी चाहिए. मुझे आज भी खुशी है क्योंकि मैंने बेहतर विकल्प चुना, हर दिन को अपने पहले दिन के रूप में देखें, चाहे कुछ भी हो.”

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