
Ezaz Ahmad
नमस्कार! मैं एजाज अहमद (Ezaz Ahmad), 1 नवंबर 2022 से अब तक India.Com (Zee Media) में स्पोर्ट्स डेस्क पर सीनियर सब एडिटर के पद कार्यरत हूं. मैं पिछले 12 वर्षों ... और पढ़ें
नई दिल्ली: राजकोट में आयरलैंड के खिलाफ भारत की 3-0 की महिला वनडे सीरीज की जीत के बाद से ही प्रतीका रावल सुर्खियों में बनी हुई हैं. प्रतीका के घर उन्हें बधाई देने और उनके साथ फोटो खिंचवाने वालों का तांता लगा हुआ है.
पिछले साल वडोदरा में वेस्टइंडीज के खिलाफ पदार्पण करने के बाद से प्रतीका ने 74 की औसत से 444 रन बनाए हैं, जोकि किसी भी अन्य महिला बल्लेबाज द्वारा अपनी पहली छह अंतरराष्ट्रीय पारियों में बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं. केवल दक्षिण अफ्रीका के पुरुष बल्लेबाज जानमन मलान ही उनसे बेहतर प्रदर्शन कर पाए हैं.
उन छह मैचों में से आखिरी मैच में प्रतीका ने अपने उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे बड़ी पारी खेली. उन्होंने 129 गेंदों पर 154 रनों की पारी खेली और अपनी सलामी जोड़ीदार और कप्तान स्मृति मंधाना के साथ 233 रनों की साझेदारी की, जिससे भारत 430/5 का स्कोर बनाने में सफल रहा, जो उनका सबसे बड़ा एकदिवसीय स्कोर था.
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स्मृति ने भारत की सीरीज में क्लीन स्वीप के बाद प्रतीका के शांत स्वभाव की प्रशंसा की. वडोदरा और राजकोट में प्रतीका के सभी छह मैच देखने वाले प्रतीका के पिता प्रदीप वर्षों के अपने सपने को साकार करने की खुशी मना रहे हैं कि उनकी बेटी भारत के लिए खेल रही है.
प्रदीप ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ” जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा बदल गई है. बचपन से ही मैंने जो सपना देखा था कि वह क्रिकेट में कुछ अच्छा करेगी. वह आज सच हो गया है. इसलिए सबसे पहले भगवान, माता-पिता और कोच का शुक्रिया, जो दिन हम अभी देख रहे हैं, वह सबकी मेहनत का नतीजा है। जब आपका बच्चा आपका पुराना सपना पूरा करता है, तो बहुत अच्छा लगता है.”
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प्रतीका की क्रिकेट यात्रा की शुरुआत प्रदीप द्वारा शुरुआती कोचिंग से हुई, जो बीसीसीआई से प्रमाणित लेवल 1 अंपायर और डीडीसीए में स्टेट पैनल अंपायर हैं. बचपन में क्रिकेट खेलना प्रदीप का जुनून था, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सके क्योंकि उन्हें अपने माता-पिता से ज्यादा समर्थन नहीं मिला और अगले स्तर तक पहुंचने में मदद करने के लिए कोई मार्गदर्शक भी उपलब्ध नहीं था.
उन्होंने कहा, ”अपने तरीकों से मैंने उसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी करना सिखाया. शुरुआत में मैं उसे टेनिस बॉल से बल्लेबाजी का अभ्यास कराता था. मैंने उसे मध्यम गति की गेंदबाजी भी सिखाई, फिर वह ओपनर बन गई और उसे ओपनर बनाने के लिए मैंने उसकी गेंदबाजी को ऑफ स्पिन में बदल दिया, यह सोचकर कि उसे कुछ आराम मिलेगा.”
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प्रदीप की अंपायरिंग में बढ़ती दिलचस्पी के साथ उस समय चौथी कक्षा में पढ़ने वाली प्रतीका को कोच श्रवण कुमार के तहत रोहतक रोड जिमखाना क्रिकेट अकादमी में भर्ती कराया गया, जिनके प्रमुख छात्रों में ईशांत शर्मा और हर्षित राणा शामिल हैं। पेशेवर रूप से क्रिकेट खेलने की बढ़ती इच्छा के साथ, प्रतिका कोच श्रवण कुमार के तहत प्रशिक्षण लेने वाली पहली महिला छात्रा भी बन गई.
प्रदीप कहते हैं, “लेकिन उसे वहां बल्लेबाजी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, क्योंकि वह सिर्फ 10 मिनट के लिए ही खेल पाती थी।कैचिंग, फील्डिंग और फिटनेस पर कम ध्यान दिया जाता था। मैं चाहता था कि कोई उस पर शुरुआती ध्यान दे और उसके लिए ज्यादा समय निकाले.”
2025 भारत की सीनियर महिला टीम के लिए महत्वपूर्ण है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज महत्वपूर्ण घरेलू विश्व कप से पहले होगी. प्रतीका के दमदार प्रदर्शन के बावजूद, वह बल्लेबाजी क्रम में स्मृति के साथ जोड़ी बनाने के लिए शेफाली वर्मा से प्रतिस्पर्धा करेंगी, जो घरेलू 50 ओवर के मैचों में बड़े स्कोर बना रही हैं.
(आईएएनएस)
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