Why Mohammed Shami Says Himself A Worker After Beating Australia In Champions Trophy 2025
मोहम्मद शमी ने क्यों कहा- आखिर में हम सभी मजदूर हैं? किस बात से चिंतित तेज गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 विकेट लेने वाले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज ने कहा कि वह अपनी फिटनेस पर खूब ध्यान दे रहे हैं. लेकिन शरीर कैसा रिस्पॉन्स करता है यह बात भी मायने रखती है.
दुबई. टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने मंगलवार को चैम्पियन्स ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में दमदार बॉलिंग कर भारत की जीत में अहम रोल अदा किया. टीम इंडिया ने यह मैच 4 विकेट से अपने नाम किया था, जिसमें शमी ने अपने 10 ओवर में 48 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. भारत की इस जीत बाद शमी ने मिक्स्ड जोन में खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने वर्कलोड मैनेजमेंट और फिटनेस पर भी जवाब दिए. इस बीच शमी एक मौके पर खुद को मजदूर तक कह गए.
34 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने कहा कि इस टूर्नामेंट में भारत के इकलौते प्रमुख तेज गेंदबाज होने के नाते से उन पर जिम्मेदारियां बढ़ी हैं. लेकिन वह लय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि टीम की जरूरतों पर खरा उतर सकें.
चोट से उबरकर वापसी करने वाले शमी ने चोटिल जसप्रीत बुमराह की गैर मौजूदगी में चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान हर्षित राणा और हार्दिक पंड्या के साथ नई गेंद संभाली है. राणा अभी नए हैं, जबकि पंड्या ऑलराउंडर हैं, जो आम तौर पर वनडे मैच में 10 ओवर नहीं डालते. शमी ने अभी तक टूर्नामेंट में 8 विकेट अपने नाम किए हैं.
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया पर सेमीफाइनल में मिली जीत के बाद मिक्स जोन में कहा, ‘मैं अपनी लय फिर हासिल करके टीम के लिए ज्यादा योगदान देने की कोशिश कर रहा हूं. दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाज टीम में नहीं हैं और मेरे ऊपर ज्यादा जिम्मेदारी है.’
शमी ने कहा कि बुमराह की गैर मौजूदगी में उनका वर्कलोड बढ़ गया है लेकिन वह अपना 100% से ज्यादा देने की कोशिश कर रहे हैं. इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘जब आप अकेले मुख्य तेज गेंदबाज है और दूसरा ऑलराउंडर है तो तो वर्कलोड रहता है. आपको विकेट लेकर मोर्चे से अगुआई करनी होती है. मुझे इसकी आदत हो गई है और मैं अपना 100% से ज्यादा देने की कोशिश कर रहा हूं.’
शमी को वर्ल्ड कप 2023 के दौरान टखने में चोट लगी थी और वह लंबे ब्रेक पर रहे. उन्होंने कहा कि अब वह लंबे स्पैल फेंकने की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी को अपनी फिटनेस के बारे में बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत है. हमें प्रयास करने होंगे और देखते हैं कि शरीर इसे कैसे लेता है. हम सभी आखिर में मजदूर हैं.’
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शमी ने यहां हल्के-फुल्के अंदाज में शरीर की जरूरतों पर खुद को मजदूर बताया. उन्होंने कहा, ‘मैं अब लंबे स्पेल फेंकने के लिए तैयार हूं. छोटे स्पेल हमेशा आसान होते हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह मायने नहीं रखता कि 10 ओवर फेंकने हैं या 6 ओवर.’ उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का भी फायदा मिला है कि भारतीय टीम सारे मैच दुबई में खेल रही है.
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