
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के निर्देश के बाद बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) को अपनी टीम से रिलीज कर दिया है. केकेआर ने उन्हें IPL 2026 के लिए दिसंबर 2025 में आबू धाबी में आयोजित खिलाड़ियो की नीलामी में 9.2 करोड़ रुपये खर्च कर खरीदा था.
ऐसे में सवाल है कि जब मुस्तफिजुर न तो चोटिल हुए हैं, न ही उन्होंने अपना यह कॉन्ट्रेक्ट खुद खत्म किया है और न ही किसी ऐसे कार्य में फंसे हैं, जिससे क्रिकेट या मानवता शर्मसार हुई हो तो ऐसे में उन्हें अचानक इस लीग से बाहर करने पर उन्हें वह कीमत मिलेगी या नहीं, जिस कीमत पर वह KKR के खेमे में चुने गए थे. लेकिन इस सब के बावजूद किसी भी प्रकार का वित्तीय मुआवजा मिलने की संभावना नहीं है.
बीसीसीआई के इस कदम ने इस खिलाड़ी के अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है. वैसे ऐसे कुछ मामलों के लिए BCCI खिलाड़ियों का बीमा कराता है, जो उनके चोटिल होने या किसी अन्य स्थिति में उन्हें मुआवजे के रूप में पूरी रकम उपलब्ध कराता है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि मौजूदा बीमा ढांचे में मुआवजे के लिए बहुत कम गुंजाइश है क्योंकि खिलाड़ियों के इस बीमा नियम में ऐसी किसी स्थिति का उल्लेख ही नहीं है.
केकेआर ने मुस्तफिजुर को आईपीएल नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के साथ चली कड़ी बोली प्रक्रिया के बाद ₹9.20 करोड़ में खरीदा था. बीसीसीआई ने अपने इस फैसले का कोई विशेष कारण नहीं बताया और केवल इतना कहा कि ‘चारों तरफ घट रहे घटनाक्रमों’ के कारण यह जरूरी हो गया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए भारत में होने वाले अपने टी20 वर्ल्ड कप के मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की है.
आईपीएल से जुड़े एक जानकार सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘आईपीएल के सभी खिलाड़ियों का वेतन बीमाकृत होता है. विदेशी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के मामले में अगर वे शिविर में शामिल होने के बाद या टूर्नामेंट के दौरान घायल हो जाते हैं तो आमतौर पर फ्रेंचाइजी भुगतान करती है.’
उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर 50 प्रतिशत तक का भुगतान बीमा से किया जाता है. यह भारत के उन केंद्रीय अनुबंधित क्रिकेटरों के लिए बेहतर है जो चोटिल हो जाते हैं क्योंकि आमतौर पर उनका भुगतान बीसीसीआई करता है.’
हालांकि मुस्तफिजुर का मामला बीमा के सामान्य नियमों के अंतर्गत नहीं आता है. उन्हें चोट या लीग में भाग लेने से जुड़े क्रिकेट संबंधी किसी कारण से टीम से नहीं निकाला गया, इसलिए केकेआर उन्हें किसी भी तरह की मुआवजा राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं है.सूत्र ने कहा, ‘वर्तमान स्थिति में जो कुछ हुआ वह बीमा के दायरे में नहीं आता है और इसलिए केकेआर पर एक पैसा भी भुगतान करने का कोई आधिकारिक दायित्व नहीं है.’
सूत्र ने बताया, ‘मुस्तफिजुर के पास किसी तरह के अधिक विकल्प नहीं है. विशेषकर आईपीएल भारतीय कानून के दायरे में आता है. कोई भी विदेशी क्रिकेटर कानूनी कार्रवाई करने की स्थिति से नहीं गुजरना चाहेगा या खेल पंचाट (CAS) का सहारा नहीं लेना चाहेगा.’ बीसीबी ने आईपीएल में भाग लेने के लिए मुस्तफिजुर को दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी वापस ले लिया है, जिससे उनका मामला और कमजोर पड़ गया है.
सूत्र ने इस संबंध में भू-राजनीतिक संदर्भ का भी जिक्र किया जिसे देखते हुए खिलाड़ी किसी तरह का जोखिम नहीं लेने की कोशिश करेगा. उन्होंने कहा, ‘भारत-बांग्लादेश का राजनीतिक परिदृश्य भारत-पाकिस्तान के मुकाबले कहीं अधिक अस्थिर है. यह अगले साल भी बदल सकता है. इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई का जोखिम क्यों उठाना चाहेगा.
(भाषा इनपुट्स के साथ)
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