नई दिल्ली. पर्थ टेस्ट में 161 रनों की बेजोड़ पारी खेलने वाले युवा ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ऑस्ट्रेलिया में बाकी 3 पारियों में फ्लॉप रहे हैं. वह यहां शतक जमाने के बाद रन बनाने की कुछ ज्यादा ही हड़बड़ी दिखा रहे हैं, जिसके चलते कंगारू तेज गेंदबाजों का आसान शिकार बन रहे हैं. भारत के सीनियर बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने काम की सलाह दी है. उन्होंने बताया है कि जायसवाल आखिर कहां गलती कर रहे हैं और उन्हें इसे कैसे सुधारना चाहिए. उन्होंने जायसवाल के आक्रामक रुख अख्तियार करने की कोशिश में पूर्व विस्फोटक ओपनिंग बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) का भी उदाहरण दिया और उनसे सीखने की सलाह दी.
ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में पिछली दो सीरीज में हराने में मिस्टर डिपेंडेबल पुजारा का रोल अहम था. उन्होंने भारत के पिछले दो दौरों पर बड़े-बड़े स्कोर बनाने के साथ-साथ भारतीय पारी को स्थिरता प्रदान की थी. पुजारा ने यशस्वी को कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि वह ओपनिंग बल्लेबाज हैं और ओपनर कभी रनों के लिए बॉल को मारने अपने जोन से बाहर नहीं जाता. पुजारा ने कहा कि उन्हें यहां बॉल की मेरिट पर खेलना चाहिए और लाल गेंद के फॉर्मेट में यही अहम होता है.
स्टार स्पोर्ट्स पर बात कर रह इस दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज ने कहा, ‘उन्हें खुद को पिच पर और समय देने की जरूरत है. जिस ढंग से वह खेल रहे हैं, वह चीजों को जल्दी करने की कोशिश कर रहे हैं. वह थोड़े ज्यादा शॉट्स खेलने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें तभी अपने शॉट्स खेलने चाहिए, जब उन्हें इसके बारे में बहुत भरोसा हो. खासतौर से शुरुआती 5-10 ओवरों में क्योंकि इससे ऐसा लगता है कि वह शुरुआती 15-20 रन बहुत जल्दी बना लेना चाहते हैं. जब आप टेस्ट क्रिकेट में ओपनर होते हो तो तब आप बॉल को ढूंढने के लिए बाहर नहीं जाते. आप गेंदों को उनकी मेरिट पर खेलते हैं.’
इस मौके पर पुजारा ने भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनिंग बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, ‘वीरेंदर सहवाग भी आक्रामक ओपनर थे लेकिन वह कभी भी खराब शॉट्स नहीं खेलते थे. वे उन बॉल पर शॉट मारने की कोशिश नहीं करते थे जो उनके जोन में नहीं गिरती थीं और जायसवाल को यही सीखने की जरूरत है.’
पुजारा ने कहा, ‘अगर आप आक्रामक बल्लेबाज है, यहां तक कि वीरेंदर सहवाग भी आक्रामक बल्लेबाज थे लेकिन वह तभी शॉट्स खेलते थे, जब बॉल उनके जोन में गिरती थी. टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज और ओपनर हैं लेकिन वे तभी शॉट्स खेलते हैं जब बॉल उनके मारक क्षेत्र (हिटिंग जोन) में होती है.’
इस भरोसेमंद बल्लेबाज ने कहा, ‘लेकिन यहां लग रहा है कि यशस्वी शॉट्स को बदलने करने की कोशिश कर रहे हैं. वह उन गेंदों पर भी ड्राइव लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो आगे नहीं गिर रहीं. उन्हें थोड़ा शांत होकर खेलना होगा और वहां थोड़ा और वक्त बिताना होगा. क्योंकि अगर आप बॉलर को सम्मान देंगे तो वे अपने लाइन अपने आप ही बदल लेंगे और विकेट लेने के प्रयास में आगे बॉल खिलाना शुरू कर देंगे और तब आप इन गेंदों पर रन बना सकते हैं.’
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