नई दिल्ली. दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक गुरुवार को होने जा रही है. इस बैठक में ‘आप’ के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास आमने-सामने होंगे. दोनों की बढ़ती दूरियों के बीच पार्टी में थोड़ी असहज स्थिति कायम है. दोनों पक्ष यह कयास लगाने में जुटे हैं कि दूसरा पक्ष बैठक में क्या कदम उठाएगा. राष्ट्रीय परिषद ‘आप’ में फैसले करने वाली दूसरी सबसे बड़ी इकाई है. 

आप में फिर घमासान के आसार, वक्ता लिस्ट से कटा कुमार विश्वास का नाम

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साल 2015 में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में ही योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर निकाला गया था. दोनों नेताओं को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोप में निकाला गया था. उन्होंने केजरीवाल के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए थे. पार्टी से निकाले गए नेताओं ने उस वक्त आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उनसे धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई.

नवंबर 2012 में पार्टी की स्थापना के बाद पहली बार संस्थापक सदस्य विश्वास ने दावा किया कि वक्ताओं की सूची में उनका नाम नहीं है. नाम का खुलासा नहीं करने की शर्त पर ‘आप’ के एक विधायक ने कहा कि बैठक में बढ़ती बेरोजगारी, नोटबंदी और कृषि संकट पर चर्चा होगी. विश्वास के एक सहयोगी ने बताया, ‘कुमार भाई एक साधारण कार्यकर्ता के तौर पर राष्ट्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे.’

वहीं, केजरीवाल के समर्थकों ने भी नपी-तुली प्रतिक्रिया जाहिर की और कहा कि बैठक योजना के मुताबिक ही होगी और कोई समस्या होने की आशंका नहीं है लेकिन विश्वास एवं केजरीवाल की बढ़ती दूरियों के मद्देनजर बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने बैठक में एक-दूसरे से निपटने की रणनीति तैयार कर ली है.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के मुताबिक पार्टी हर बार राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उनको मुख्य वक्ता बनाती थी, लेकिन इस बार पार्टी ने कुल 5 वक्ताओं का बोलना तय किया है, जिनमें उनका नाम नहीं है. कुमार विश्वास का कहना है कि अगर पार्टी ने उनको बैठक में नहीं बोलने दिया तो वो बाहर आकर बोलेंगे.

इससे पहले, AAP ने ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान को पार्टी में बहाल कर दिया. अमानतुल्लाह खान ने अप्रैल-मई के महीने में कुमार विश्वास पर बीजेपी का एजेंट होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पहले उनको पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई पोलोटिकल अफेयर्स कमिटी से निलंबित किया गया और जब इससे भी कुमार विश्वास नहीं माने तो अमानतुल्लाह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया.

(भाषा से प्राप्त जानकारी के साथ)