Delhi violence, kisan protests, Delhi, Paramilitary Forces, tractor rally, red fort, Delhi Police: देश की राजधानी दिल्‍ली में आज मंगलवार को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान के हिंसक रूप धारण कर लेने के चलते सरकार ने दिल्ली में अतिरिक्‍त पैरामिलिट्री फोर्सेस की कंपनियां तैनात कर सकती है. इनके तैनात होने के साथ ही अर्ध सैनिक बलों की 15 कंपनियां हो जाएंगी. सरकार अब उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए कड़ा कदम उठाया  है. गृह मंत्रालय में हाई लेविल की मीटिंग हुई है. Also Read - BJP MP नंद कुमार सिंह चौहान का COVID-19 के संक्रमण के चलते मेदांता अस्‍पताल में निधन

राष्ट्रीय राजधानी में किसानों का ट्रैक्टर परेड हिंसक होने के बाद शांति स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में और संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का फैसला लिया है. Also Read - Delhi: बहन के पीछे पड़े मनचलों की हरकत का विरोध करने पर भाई को चाकुओं से गोदा, लड़की ने बयां की दास्‍तां

वहीं, दिल्‍ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने कहा, ”आज किसान रैली के दौरान पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. Also Read - Delhi: फैक्‍ट्री में लगी भयंकर आग को दमकल की 28 गाड़ियां बुझाने में जुटीं, चपेट में आए एक व्‍यक्ति की मौत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, दिल्ली पुलिस के आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.

कितनी संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है कि इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि 15-20 कंपनियां (1,500 से 2,000 कर्मी) तैनात की जाएंगी.

गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया है, भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1855 के धारा 7 और जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए तथा अन्य कारणों से दिल्ली में 26 जनवरी दोपहर 12 बजे से रात 11 बजकर 59 मिनट तक इंटरनेटसेवा बंद रहेगी. हालात के मद्देनजर दिल्ली में त्वरित कार्रवाई बल के कर्मियों को भी तैनात किया गया है और निगरानी कड़ी कर दी गई है. इससे पहले दिन में गृह सचिव भल्ला ने गृह मंत्री अमित शाह को हालात से जुड़ी.

 

सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ‘‘ट्रैक्टर परेड’’ के हिंसक रूप धारण कर लेने के चलते दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा निलंबित करने का मंगलवार को आदेश जारी किया. गृह मंत्रालय (MHA) के अधिकारियों ने कहा, इंटरनेट सेवाएं दिल्ली के सिंघू, गाजीपुर, टीकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और उनसे लगे इलाकों में मध्य रात्रि तक बंद रहेंगी.

इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित
गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक, घू, गाजीपुर, टिकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और उनके आस-पास के क्षेत्रों में आज रात 11:59 PM तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी. मंत्रालय ने कहा कि जन सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए और जन आपात स्थिति को टालने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित करना आवश्यक था. गृह मंत्रालय ने कहा कि यह आदेश 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे से रात 11 बज कर 59 मिनट तक प्रभावी रहेगा. गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर राजधानी में पहले से अर्द्धसैनिक बलों के करीब 4,500 कर्मी तैनात हैं. मंत्रालय ने हालात के मद्देनजर आज दिन में दिल्ली के कुछ इलाकों जैसे सिंघू, गाजीपुर, टीकरी, मुकरबा चौक और नांगलोई आसपास के क्षेत्रों में मंलवार दोपहर से 12 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी.

कई पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई कहा, ” कई दौर की बैठकों के बाद ट्रैक्टर रैली के लिए समय और मार्गों को अंतिम रूप दिया गया, लेकिन किसानों ने ट्रैक्टरों को तय समय और तय मार्गों से हटा दिया और बर्बरता की ओर बढ़ गए, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है.”

प्रदर्शनकारी किसानों से लौटने की अपील
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा, ”मैं प्रदर्शनकारी किसानों से हिंसा में लिप्त नहीं होने, शांति बनाए रखने और तय मार्गों से लौटने की अपील करता हूं.

सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया
दिल्ली पुलिस पीआरओ ईश सिंघल ने कहा, ”प्रदर्शनकारी कुछ स्थानों पर हिंसक हो गए. कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने संयम बरता और जरूरत पड़ने पर बल का प्रयोग किया. मैं
प्रदर्शनकारियों से निर्धारित मार्गों से लौटने और शांति बनाए रखने की अपील करती हूं.

आरएएफ को नए सिरे से तैनात किया गया
गृह मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ (आरएएफ) के कर्मियों को नए सिरे से तैनात किया गया है और उभरती परिस्थिति के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है.

उपद्रवी प्रदर्शनकारी लालकिले के ध्वज-स्तंभ पर पीले रंग का झंडा फहराया
गौरतलब है कि लाठी-डंडे, राष्ट्रीय ध्वज एवं किसान यूनियनों के झंडे लिये और ट्रैक्टरों पर सवार हजारों किसानों ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस पर अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई. वे विभिन्न सीमाओं से राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हुए. किसानों का एक समूह लालकिले में प्रवेश कर गया और एक युवक को लालकिले में ध्वज-स्तंभ पर एक त्रिकोण आकार का पीले रंग का झंडा फहराते देखा गया. इसी ध्वज-स्तंभ पर देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान झंडा फहराया जाता है. हालांकि, बाद में प्रदर्शनकारियों को लाल किले के परिसर से हटा दिया गया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने हिंसा से पल्‍ला झाड़ा
इस बीच, किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा में शामिल लोगों से खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया कि कुछ ”असामाजिक तत्व घुस गए हैं, अन्यथा आंदोलन शांतिपूर्ण था.”