Amit Shah, tractor rally violence, delhi police, Police personnel, tractor rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुरुवार को दो अस्पतालों का दौरा कर गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों का हालचाल लिया है. उन्‍होंने अस्‍पताल में इलाज कर रहे दिल्‍ली पुलिस के घायल जवानों और अफसरों से इस दौरान बातचीत भी की.Also Read - Netaji Subhash Chandra Bose की 125वीं जयंती : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, ममता ने कहा- राष्ट्रीय अवकाश घोषित करें

केंद्रीय गृह मंत्री अस्‍पताल जाते हुए कहा था, दिल्‍ली पुलिस के घायल जवानों से मीटिंग, हम उनके साहस और बहादुरी पर गर्व है. Also Read - UP Election 2022: अमित शाह ने कैराना से शुरू किया प्रचार, पलायन के मुद्दे का ज़िक्र कर BJP के लिए मांगे वोट

केंद्रीय गृह मंत्री ने सिविल लाइंस स्थित सुश्रुत ट्रामा सेंटर और तीरथ राम अस्पताल का दौरा कर दिल्‍ली पुलिस के घायल जवानों से मिले और उनसे बातचीत की. Also Read - अमित शाह ने 'जिला सुशासन सूचकांक' लॉन्च किया, कहा- जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव जल्द होंगे, राज्य का दर्जा बहाल करेंगे

बता दें कि किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा की घटनाओं में करीब 400 पुलिसकर्मी घायल हो गए. किसान नवंबर से ही केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधानी में 26 जनवरी को आंदोलन कर रहे ट्रैक्‍टर रैली के दौरान हुई व्‍यापक हिंसक घटनाओं के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने आज गुरुवार को किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी किया है. वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्‍ली के बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 64वें दिन भी जारी है.


दिल्ली पुलिस ने कहा, किसान नेताओं, जिनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, प्रक्रिया के एक हिस्से के रूप में उनके पासपोर्ट जब्त किए जाने हैं. इससे पहले एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर हिंसा के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकियों में नामजद किसान नेताओं के खिलाफ ‘लुक आउट’ परिपत्र जारी करेगी.

दिल्ली पुलिस ने आज ही ट्रैक्टर रैली के दौरान गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के संबंध में पुलिस के साथ समझौते को तोड़ने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस राजेवाल सहित कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किए. दिल्‍ली पुलिस ने उन्हें 3 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा है.