नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (Delhi Police Cyber Cell) ने ट्विटर इंक और ट्विटर (Twitter) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. ये मुकदमा चाइल्ड पोर्न (Child Porn) की सामग्री सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराने को लेकर की गई है. मुकदमा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की शिकायत पर पोक्सो अधिनियम की कई गंभीर धाराओं के तहत किया गया है.Also Read - नोएडा: चिकित्सक के बंगले में पूजा के लिए जलाए गए दीपक से लगी आग, 13 लोगों को बचाया गया

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के एक प्रवक्ता ने कहा कि ट्विटर पर बाल यौन शोषण और बाल अश्लील सामग्री की उपलब्धता के संबंध में एनसीपीसीआर से प्राप्त एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, साइबर अपराध इकाई द्वारा आईपीसी, आईटी अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की जांच भी जारी है. Also Read - अब Twitter पर शब्द नहीं पड़ेंगे कम, जल्द ही ब्लॉग लिखने की मिल सकती है छूट

इससे पहले 25 जून को एनसीपीसीआर (NCPCR) ने दिल्ली पुलिस को एक रिमाइंडर पत्र लिखकर जांच के दौरान गलत जानकारी देने और सहयोग नहीं करने को लेकर ट्विटर के खिलाफ उनके द्वारा की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट की मांग की थी. एनसीपीसीआर ने तीन दिनों के भीतर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी. Also Read - मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का तगड़ा पलटवार, बोले- दिल्ली पुलिस का रवैया, देश में तानाशाही शासन की रिहर्सल है

ट्विटर के खिलाफ बाल आयोग द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा रिपोर्ट देने में विफल रहने के बाद एनसीपीसीआर की ओर से यह रिमाइंडर आया. इससे पहले, एनसीपीसीआर ने सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी और बाल कल्याण से संबंधित अन्य मामलों से संबंधित कुछ लिंक के बारे में ट्विटर से जवाब मांगा था, जिसे ट्विटर ने अस्वीकार कर दिया था.

शिकायत में कहा गया है, एक जांच करने और माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर बाल अश्लील सामग्री (सीएसएएम) खोजने के बाद, एनसीपीसीआर ने दिल्ली पुलिस को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा 11/15/19, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 199/292 और आईटी अधिनियम की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत 29 मई को ट्विटर इंडिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था.