बड़ी राहत: दिल्ली में कोरोना पीक बीती, अब कम होंगे केस, स्वास्थ्य मंत्री बोले...

Corona Virus in Delhi: दिल्ली में कोरोना वायरस के करीब 25 हज़ार केस प्रतिदिन आ रहे हैं. कोरोना के कहर के बीच एक राहत की खबर है.

Published: January 15, 2022 3:55 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Zeeshan Akhtar

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Corona Virus in Delhi: दिल्ली में कोरोना वायरस के करीब 25 हज़ार केस प्रतिदिन आ रहे हैं. कोरोना के कहर के बीच एक राहत की खबर है. दिल्ली में कोरोना की पीक बीत चुकी है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने बड़ा दावा किया है कि पीक बीत चुकी है, अब कोरोना केस कम होने की शुरुआत होगी. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राजधानी में कोविड की तीसरी लहर पहले ही अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है और अब मामलों में जल्द ही कमी देखने को मिल सकती है. अब देखना है कि मामले कब कम होते है, और ऐसा लगता है कि राजधानी में मामलों में गिरावट आ चुकी है. दिल्ली में शुक्रवार को दैनिक मामले 24,383 दर्ज किए गए थे और इनमे पहले की तुलना में गिरावट देखी गई, जिसके आज और कम होने की उम्मीद है.

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में कोविड मामलों में 4,000 की कमी होने की उम्मीद है. हालांकि, पॉजिटविटी दर लगभग 30 प्रतिशत होगी. अस्पताल में भर्ती होने की दर में पिछले पांच छह दिनों से कोई इजाफा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यह गिरावट इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में मामले कम होंगे. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में अभी तक 15 प्रतिशत बिस्तरों पर ही मरीजों की भर्ती हुई है. शहर में कोविड जांच में भी थोड़ी कमी आई है और शुक्रवार को लगभग 79,578 कोविड परीक्षण दर्ज किए, जिसमें 24 घंटों में 61,183 आरटी-पीसीआर परीक्षण और 15,395 रैपिड एंटीजन परीक्षण शामिल थे.

यह पूछे जाने पर कि क्या मामलों में गिरावट के लिए कम कोविड परीक्षण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि परीक्षण के मामलों में हम केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे हैं और दिल्ली में परीक्षण कम नहीं हुए हैं. गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरूआत में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जारी एक सलाह में कहा था कि कोविड के पुष्ट मामलों के संपर्कों को परीक्षण की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते कि उनमें कोई गंभीर मामला नहीं हो या ऐसे मरीजों को कोई अन्य बीमारी ना हो. दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सामुदायिक स्तर पर लक्षणविहीन मामलों की जांच की भी आवश्यकता नहीं है.

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Published Date: January 15, 2022 3:55 PM IST