Defence Minister Rajnath Singh says, Some farmers are agitating against farm laws. Govt is holding talks with them with full sensitivity. I hope that they’ll end their agitation soon: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज बुधवार को 28वें दिन भी जारी है. एक ओर किसानों की भूख हड़ताल भी जारी है. वहीं, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर जहां-जहां प्रदर्शन चल रहा है, वहां रोज किसान बारी-बारी से उपवास पर बैठ रहे हैं. इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के सीनियर मंत्री राजनाथ सिंह ने किसान दिवस पर देश के किसानों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों ने देश को खाद्य सुरक्षा दी है. कुछ किसान कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. सरकार उनसे बातचीत कर रही है. मुझे उम्मीद है कि वे जल्द ही अपना आंदोलन खत्‍म करेंगे. Also Read - किसानों की ट्रैक्टर रैली पर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार के पास इसे निपटाने के सभी अधिकार, पुलिस को जो करना है करे

अन्नदाताओं ने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”किसान दिवस पर मैं देश के सभी अन्नदाताओं का अभिनंदन करता हूं. उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है. कृषि क़ानूनों को लेकर कुछ किसान आंदोलनरत हैं. सरकार उनसे पूरी संवेदनशीलता के साथ बात कर रही है. मैं आशा करता हूं कि वे जल्द अपने आंदोलन को वापस लेगें. Also Read - Kisan Andolan: 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने पर अडिग किसान यूनियन, आज सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय

वहीं, एक किसान संगठन ने आज नहीं खाने और 26 और 27 तारीख़ को दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करने और 27 तारीख को पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का थालियां बजाकर विरोध करने का ऐलान किया है.

खाना नहीं खाएंगे, दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करेंगे
भारतीय किसान यूनियन के एक नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा, 23 तारीख को हम एक टाइम का खाना नहीं खाएंगे. 26 और 27 तारीख़ को दूतावासों के बाहर हमारे लोग प्रदर्शन करेंगे. 27 तारीख को प्रधानमंत्री ने जो मन की बात का कार्यक्रम रखा है, उसका हम थालियां बजाकर विरोध करेंगे.

चिट्ठी पर किसान फैसला नहीं ले पाए
बता दें कि सरकार ने किसान संगठनों को बातचीत के न्योते की एक चिट्ठी रविवार की रात को भेजी थी, उस पर किसान बीते 2 दिन में फैसला नहीं ले पाए. वहीं कुंडली बॉर्डर पर मंगलवार को पंजाब के किसान नेताओं की मीटिंग हुई, इसके बाद कहा गया कि संयुक्त मोर्चा के सदस्य बुधवार को तय करेंगे कि सरकार से बात करनी है या नहीं.

सरकार का दावा- उत्‍तर प्रदेश के किसान नेता हमारे साथ
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कल दावा करते हुए कहा था कि ‘उत्तर प्रदेश के कुछ किसान नेता मुझसे मिले. उन्होंने नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार का समर्थन किया है. उनका कहना है कि कानूनों में बदलाव नहीं होने चाहिए.’