Delhi News: दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव के अनुसार ही अपने विधायकों के वेतन वृद्धि को मंजूरी दे दी है, दिल्ली के विधायकों को अब 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा. बता दें कि दिल्ली सरकार के विधायकों के वेतन-भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने ठुकरा दिया था, जिसके बाद कैबिनेट ने ये फैसला लिया है, जिसके बाद अब दिल्ली के विधायकों को 30,000 रुपये वेतन मिलेंगे. बता दें कि अभी दिल्ली के विधायकों को प्रति माह वेतन 12 हजार रुपये मिल रहे हैं.Also Read - Delhi Fire: दिल्‍ली के मायापुरी में फैक्‍ट्री में भीषण आग, 17 दमकल वाहन बुझाने में जुटे

विधायकों के वेतन वृद्धि के मामले में कई सालों से इसकी मांग की जा रही थी. इसके लिए  दिल्ली सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे प्रस्ताव में विधायकों को प्रतिमाह 2.10 लाख रुपये वेतन सहित अन्य भत्ते देने की सिफारिश की थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी और केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया. जिससे अब विधायकों को प्रतिमाह 90 हजार रुपये ही वेतन-भत्ते के रूप में मिलेंगे. इनमें 30 हजार रुपये वेतन और अन्य राशि भत्तों के रूप में मिलेगी. वर्तमान में दिल्ली के विधायकों का वेतन और भत्ता सब मिलाकर कुल 54 हजार रुपये ही प्रति महीने मिलते हैं. Also Read - Pegasus Case: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार-अबतक एफिडेविट दाखिल क्यों नहीं किया, मिला ये जवाब

अब विधायकों को प्रति माह इतने पैसे मिलेंगे Also Read - Delhi: दिल्‍ली में सब्‍जी मंडी इलाके में 4 मंजिला बिल्डिंग ढह गई, अब तक तीन लोगों को बचाया गया

बेसिक वेतन- 30,000 रुपये

चुनाव क्षेत्र भत्ता- 25,000 रुपये

सचिवालय भत्ता- 15,000 रुपये

वाहन भत्ता- 10,000 रुपये

टेलीफोन- 10,000 रुपये

इस तरह से अब कु मिलाकर विधायकों को प्रतिमाह 90 हजार रुपये मिलेंगे.

दिल्ली में कम है विधायकों को वेतन

दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि देश के अन्य राज्यों में विधायकों को दिल्ली के विधायकों की तुलना में डेढ़ से ढाई गुना अधिक वेतन और भत्ता मिल रहा है. दिल्ली की आम आदमी पार्टी के विधायकों के मुताबिक, देश के अन्य राज्यों की तुलना में यहां पर सैलरी कम है, जबकि दिल्ली महंगा शहर है. ऐसे में हमें जन सेवा करने में भी दिक्कत पेश आ रही है. विधायकों की इस मांग पर दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को वेतन वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था जिसे मंजूर नहीं किया गया है.