नई दिल्ली: दिल्ली में थप्पड़कांड में नया मोड़ आ गया है. आईएएस ज्वाइंट फोरम की मांग है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री इस मामले में लिखित तौर पर माफी मांगे. आईएएस ज्वाइंट फोरम ने कहा है कि दिल्ली के सीएम और डिप्टी सीएम इस घटना पर केवल दुख जता रहे हैं, जो उनकी भूमिका को शक के घेरे में लाता है. Also Read - दिल्‍ली में कोरोना के मामले एक लाख के पार, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं: CM केजरीवाल

न्यायिक हिरासत में हैं विधायक

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्य सचिव से हाथापाई के मामले में गिरफ्तार आप विधायकों को दिल्ली की तीसहजारी अदालत ने पहले ही 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है. बुधवार को इनकी जमानत याचिका पर सुनवाई एक दिन के लिए टल गई थी. गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. प्रकाश जारवाल को मंगलवार रात जबकि अमानतुल्ला खान को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट का आरोप है.

क्या है मामला

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की शिकायत के बाद पुलिस ने आप विधायक अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. विधायकों के खिलाफ सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने और आपराधिक साजिश के आरोप में केस दर्ज हुआ था. अंशु प्रकाश ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने अपनी शिकायत में उस रात की पूरी घटना का विवरण दिया था. उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ आप विधायकों ने बदसलूकी और मारपीट की.

मेडिकल में हुई थी पुष्टि

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, अंशु प्रकाश के निचले होंठ पर चोट के निशान थे और कानों के पिछले हिस्सों पर सूजन थी. दिल्ली पुलिस ने उनकी चिकित्सा रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी थी. एमएलसी रिपोर्ट में मुख्य सचिव की चोट की स्थिति का जिक्र है. यह चोट उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर हुई एक बैठक के दौरान लगी थी, जब आप के कुछ विधायकों ने कथित रूप से उनके साथ मारपीट की थी.