नई दिल्ली: एनजीटी द्वारा दिल्ली में ऑड-ईवन को सशर्त मंजूरी देने के बाद अब दिल्ली सरकार ने अपने फैसले को वापस ले लिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने यह जानकारी दी है. दरअसल एनजीटी की सुनवाई में आए फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने आपात बैठक बुलाई थी.Also Read - पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा 'काले अंग्रेज', केजरीवाल बोले, 'लेकिन नीयत साफ है'

कैलाश ने कहा कि एनजीटी के ऑड ईवन फॉर्मूला में दो पहिया और महिलाओं को शामिल करने के बाद हमने इसे वापस लेने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वे सोमवार को दोबारा एनजीटी में जाकर इन दोनों ही मसलों पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे. Also Read - AAP नेता राघव चड्ढा को मिला 'Most Stylish Politician' अवार्ड, तो सीएम केजरीवाल ने दिया यह रिएक्शन

ग्रेटर कैलाश से आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऑड ईवन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रिस्क नहीं लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को ऑड ईवन में छूट नहीं दी जाती, इसे लागू नहीं किया जा जाएगा. Also Read - Delhi News: कोरोना के नए वैरिएंट Omicron ने बढ़ाई टेंशन, दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने बुलाई DDMA की अहम बैठक

इससे पहले एनजीटी ने शनिवार को हुई सुनवाई में कुछ शर्तों के साथ दिल्ली में ऑड-ईवन को लागू करने की अनुमति दे दी थी. एनजीटी ने इस दायरे में दो पहिया वाहनों और महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को छूट से बाहर कर दिया गया है. दरअसल सीपीसीबी और डीपीसीसी की ओर से दावा किया गया था कि चार पहिया वाहनों की तुलना में दो पहिया वाहनों से ज्यादा प्रदूषण होता है. प्रदूषण के कुल उत्सर्जन में 20 प्रतिशत के लिए दोपहिया वाहन जिम्मेदार हैं.

एनजीटी ने जब तक बारिश नहीं होती तब कर पानी का छिड़काव करने की भी बात कही है. एनजीटी ने यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली की हवा में जैसे ही पीएम 10 का स्तर 300 सेऔर पीएम 2.5 का स्तर 500 से ऊपर जाए तो ऑड ईवन लागू किया जाए.