नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी अस्पतालों में 30 दिनों तक सर्जरी की डेट नहीं मिलने पर दिल्ली के मरीज निजी अस्पताल में अपनी सर्जरी करवा सकते हैं, जिसका भुगतान दिल्ली सरकार करती है. यह योजना जारी रहेगी. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को इस योजना को मंजूरी दे दी. इस योजना के तहत अगर किसी मरीज का कोई टेस्ट किसी भी कारण से सरकारी अस्पतालों में नहीं हो पाता है, तो मरीज चुने हुए निजी लैब या अस्पतालों में यह टेस्ट करवा सकते हैं. Also Read - केजरीवाल ने पृथक-वास को लेकर उपराज्यपाल के आदेश पर उठाए सवाल, बैठक में नहीं बनी सहमति

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि लेफ्टिनेंट गवर्नर ने किसी भी आय मानदंड के बिना ‘सभी के लिए गुणवत्ता स्वास्थ्य योजना’ को मंजूरी दे दी है. केजरीवाल ने बैजल ट्वीट किया, ‘आपको बहुत-बहुत धन्यवाद सर.’ यह योजना आम आदमी पार्टी (आप) नीत दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच विवाद का दूसरा मुद्दा बन गया था. बैजल ने योजना में कुछ बदलाव की जरूरत बताते हुए इसकी मंजूरी टाल दी थी. Also Read - उपराज्यपाल ने पलटा दिल्ली सरकार का आदेश, राष्ट्रीय राजधानी में अब होगा सभी का इलाज

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने पहले कहा था कि उपराज्यपाल ने सरकार से इस योजना में आय की सीमा निर्धारित करने के लिए कहा था, ताकि ‘अमीर लोग’ इसका फायदा न उठा सकें. जबकि बैजल ने कहा था कि उन्होंने ‘योजना से मध्यम वर्ग को बाहर करने की सलाह नहीं दी थी’ और ‘आय मानदंड को योजना और वित्त विभाग की सिफारिशों के आधार पर सुझाए गए थे।’ Also Read - दिल्ली सरकार का बड़ा आदेश, अब कोरोना मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकेंगे निजी अस्पताल

बैजल ने आरोपों के जवाब में कहा था कि अगर निर्वाचित सरकार का एक अलग दृष्टिकोण है, तो यह मिल-बैठ कर सुलझाया जा सकता था. हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि फिर से मीडिया के जरिए मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है.