New IT Rules: केंद्र सरकार के नए आईटी नियमों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने सरकार से जवाब मांगा है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने डिजिटल न्यूज मीडिया (Digital News Media) के नियम संबंधी नए सूचना प्रौद्योगिकी (IT Rules) नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर केन्द्र सरकार से जवाब मांगा. मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किए. साथ ही, उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय भी प्रदान किया है. अदालत ‘फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म’ की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने सरकार द्वारा 25 फरवरी को जारी नए आईटी नियमों को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य डिजिटल न्यूज मीडिया को नियंत्रित करना और उसका नियमन करना है.Also Read - Zee Media के खिलाफ दिल्‍ली हाईकोर्ट ने अजय कुमार गुप्‍ता को नहीं दी कोई राहत

याचिका में कहा गया है कि ये डिजिटल न्यूज मीडिया को जबरदस्त एवं गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले हैं और उनके अधिकारों का हनन करते हैं. याचिका के जरिए नए आईटी नियमों को निष्प्रभावी करने का अनुरोध किया गया है क्योंकि यह समाचारों एवं समसामयिकी के प्रकाशकों को परिभाषित करता है तथा उन पर लागू होता है. फाउंडेशन के अलावा दो अन्य याचिकाकर्ता ‘द वायर’ के संपादक एम. के. वेणु तथा ‘द न्यूज मिनट’ की प्रधान संपादक धन्या राजेंद्रन हैं. याचिकाकार्ताओं ने उच्च न्यायालय से अंतरिम संरक्षण की मांग की है, ताकि डिजिटल न्यूज मीडिया संस्थानों के खिलाफ प्राधिकारों द्वारा सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए. Also Read - MCD ने वाहन जब्त कर लगाया 12 लाख का जुर्माना, तो हाईकोर्ट ने कहा- नगर निगम को यह अधिकार नहीं

इस पर पीठ ने कहा कि यदि कोई कठोर कार्रवाई की जाती है तो याचिकाकर्ता अर्जी के साथ अदालत का रुख कर सकते हैं. याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहीं अधिवक्ता नित्या रामकृष्णन ने दलील दी कि समाचार सामग्री के नियमन आईटी एक्ट के उद्देश्य के दायरे में नहीं आते हैं. उन्होंने कहा कि वह कहीं से यह नहीं कर रही हैं कि न्यूज मीडिया नियमन से परे है. उन्होंने दलील दी , ‘मैं ओटीटी (Over The Top) प्लेटफार्म और सोशल मीडिया के बारे में बात नहीं कर रही हूं. मैं सिर्फ न्यूज मीडिया और करेंट अफेयर्स (Current Affairs) को लेकर चिंतित हूं. नए नियम लोकतंत्र में अनुमति प्राप्त किसी भी चीज से बहुत आगे तक जाते हैं.’ याचिका में कहा गया है कि डिजिटल न्यूज मीडिया संस्थानों के एसोसिएशन ‘डिजिपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन’ ने फरवरी में दो मंत्रालयों को ज्ञापन देकर आईटी नियम, 2021 रद्द करने का अनुरोध किया था, लेकिन आज की तारीख तक कोई जवाब नहीं मिला है. Also Read - भारत में बढ़ रही है OTT कंटेंट की डिमांड, एक यूजर रोजाना 18 रुपये OTT पर करता है खर्च

(इनपुट-भाषा)