Delhi, oxygen, coronavirus, covid-19, GTB hospital, News: देश दुनिया में कोरोना महामारी के इस महा संकट में पीड़ित मरीजों के परिवार के लोगों का दर्द हिमालय की एवरेस्‍ट चोटी से भी ज्‍यादा है. दिल्‍ली में ऑक्‍सीजन की भारी कमी के बीच जीटीबी अस्‍पताल में अपने मरीज के लिए बेड और ऑक्‍सीजन की तलाश में आए एक शख्‍स ने अपना दर्द बताया तो सुनकर कोई भी परेशान हो जाएगा.Also Read - देश के 6 राज्यों में 3 लोकसभा और 7 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव 23 जून को होंगे

दिल्ली में GTB अस्पताल के बाहर लोग मरीजों को भर्ती कराने के लिए खड़े हैं और इसी तरह की परेशानी से आए एक व्‍यक्ति ने कहा, ”रात में ब्लैक में 40,000 रुपए का ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदा. अब वो भी खत्म हो गया है. यहां देखने आया हूं, यहां न बेड है न ही ऑक्सीजन है. सरकार कुछ करे, कम से कम गैस की व्यवस्था करा दे. ” Also Read - दिल्लीः वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा की उठी मांग, भाजपा नेता ने हाई कोर्ट में दाखिल की याचिका

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बता दें कि दिल्ली मुख्‍यमंत्री ने आज रविवार को कहा है कि दिल्ली में 700 टन ऑक्सीजन की जरूरत है, हमें केंद्र सरकार से 480 टन ऑक्सीजन आवंटित हुआ है और कल केंद्र सरकार ने 10 टन और आवंटित किया है, अब दिल्ली को 490 टन ऑक्सीजन आवंटित हुआ है. लेकिन अभी ये पूरा आवंटन भी दिल्ली में नहीं आ रहा है, कल 330-335 टन ऑक्सीजन दिल्ली पहुंची.

दिल्‍ली के सीएम ने कहा, लॉकडाउन के दौरान हमने देखा कि पॉजिटिविटी रेट लगभग 36-37% तक पहुंच गया, हमने दिल्ली में इतनी संक्रमण दर आज तक नहीं देखी. पिछले एक-दो दिन से संक्रमण दर थोड़ी कम हुई है और आज 30% के नीचे आई है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी की स्थिति को देखते हुए एक पोर्टल बनाया गया है, आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन के लिए ऑक्सीजन उत्पादक, आपूर्तिकर्ता और अस्पताल से मिली जानकारी के आधार पर इसे हर दो घंटे में अपडेट किया जाएगा जिसे आपात स्थिति में बड़ी मुश्किल न खड़ी हो.