नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्‍ली (Delhi) में स्‍थ‍ित सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के बाहर बीते 16 अगस्‍त को एक महिला के साथ आत्‍मदाह करके आत्महत्या की कोशिश करनेवाले 27 वर्षीय व्यक्ति की आज शनिवार सुबह मौत हो गई. घायल महिला का राम मनोहर अस्‍पताल में इलाज जारी है.Also Read - फल देने का झांसा देकर बगीचे में ले गए, फिर दो लोगों ने किया नाबालिग लड़की का रेप; सोशल मीडिया पर डाला वीडियो

बता दें कि बीते 16 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट के गेट नं डी के सामने आत्मदाह की कोशिश में 27 वर्षीय युवक 65 प्रतिशत, जबकि 24 वर्षीय युवती 85 प्रतिशत तक झुलस गई थी. दोनों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. झुलसी हुई महिला का इलाज चल रहा है. Also Read - नदियों को जिंदा करने के लिए कराई गई आम से इमली की शादी, बैलगाड़ियों पर सवार होकर आए 400 मेहमान

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फर्जीवाड़े के मामले में फंसाए जाने की डर से आत्महत्या की कोशिश की
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने कहा था कि इस घटना के पीछे की सटीक वजह का पता लगाने के लिए मामले की जांच जारी है. लेकिन ऐसा संदेह है कि युवती ने आरोपी पक्ष द्वारा फर्जीवाड़े के मामले में फंसाए जाने की डर से आत्महत्या की कोशिश की. नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिस दल ने तत्काल उनपर कंबल डाला और आग बुझा दी. उन्होंने बताया कि दोनों को तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया.

युवती से रेप के आरोप में बसपा सांसद अतुल राय जेल में 
पुलिस ने बताया कि युवती उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली है और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद अतुल राय ने 2019 में उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया था. सांसद इस मामले में दो साल से न्यायिक हिरासत में जेल में हैं.

फेसबुक लाइव पर वीडियो रिकॉर्ड किया
आत्महत्या का प्रयास करने से पहले युवती ने सहयोगी के साथ फेसबुक लाइव पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी पहचान बतायी और आरोप लगाया कि उसने 2019 में राय के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था. युवती ने आरोप लगाया है कि पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और अन्य लोग आरोपी का साथ दे रहे हैं.

युवती ने अपनी जान को खतरा बताया था
फेसबुक लाइव वीडियो में युवती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की स्थानीय अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है और न्यायाधीश ने उसे सम्मन भी जारी किया है. युवती ने अपनी जान को खतरा बताते हुए मार्च में सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर दुष्कर्म मामले की सुनवाई प्रयागराज से दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था. बाद में अगस्त में, वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने आरोपी सांसद के भाई द्वारा दर्ज कराई गई फर्जीवाड़े की शिकायत के आधार पर युवती के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया.