Delhi Oxygen, Covid-19 Update News in Hindi: दिल्ली में कोविड-19 मामलों में गिरावट आने के बाद किसी भी तरह की ढील नहीं बरतने को लेकर चेताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने आज गुरुवार को कहा कि संबंधित अधिकारियों को शहर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (Liquid Medical Oxygen) का बफर स्टॉक बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए.Also Read - क्या दिल्ली में फिर से लगेंगी पाबंदियां? कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच DDMA की अहम बैठक कल

जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि तैयारियों को सुनिश्चित करना केंद्र और दिल्ली सरकार का कर्तव्य है, क्योंकि वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि वायरस एक बार फिर तेज रफ्तार से हमला बोल सकता है, जिससे बुरी तरह से लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं. Also Read - India Covid-19 Update: भारत में कोरोना के 7,554 नए मामलों की पुष्टि, 223 लोगों की मौत

इस पर जोर देते हुए कि अदालत का मतलब व्यवसाय या जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर है, दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उसकी चेतावनी को गंभीरता से लेने की हिदायत दी. पीठ ने कहा, ‘यदि आपने कदम नहीं उठाए हैं, तो हम आएंगे और आपका फिर से पीछा करेंगे. हम आपको बता रहे हैं, हमारा मतलब व्यवसाय है.’ Also Read - Delhi Covid-19 Update: भाजपा मुख्यालय में 42 सदस्य कोरोना संक्रमित मिले, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू

दिल्ली सरकार के वकील ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसके पास राजधानी में विभिन्न स्थानों पर 419 मीट्रिक टन (MT) एलएमओ का बफर स्टॉक है और अगले 10 दिनों में स्टॉक को और बढ़ाने की व्यवस्था भी की जा रही है.

पीठ ने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन का बफर स्टॉक स्थापित करने की जिम्मेदारी केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों की है. अदालत ने स्पष्ट किया कि शीर्ष अदालत के 30 अप्रैल के आदेश के अनुसार, मुख्य रूप से जिम्मेदारी केंद्र और दिल्ली सरकार पर भी है.

पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक स्टेटस रिपोर्ट में यह खुलासा नहीं किया है कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार क्या कदम उठाए हैं. केंद्र के वकील ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि वह स्थिति को लापरवाही से नहीं ले रहे हैं और एलएमओ का बफर स्टॉक बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

यह दोहराते हुए कि मामलों की संख्या में गिरावट के कारण आत्मसंतोष नहीं किया जा सकता, पीठ ने कहा, यह एक अस्थायी चरण है. हम जानते हैं कि यह (कोरोना संक्रमण) वापस आने वाला है और हमें बुरी तरह प्रभावित करेगा.

हाईकोर्ट ने 4 मई को शीर्ष अदालत के अलावा केंद्र और दिल्ली सरकार को 100 मीट्रिक टन एलएमओ का बफर स्टॉक बनाने का भी निर्देश दिया था. हाईकोर्ट ने केंद्र से 24 मई तक बफर स्टॉक बनाने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. (IANS इनपुट्स)