Delhi Oxygen Status Updates दिल्ली के 6 प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म हो गया है तो वहीं सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची है. दिल्ली सरकार ने गुरुवार शाम सभी अस्पतालों के आंकड़े जारी किए हैं. इसमें बताया गया है कि अस्पताल में कितने घंटे की ऑक्सीजन बची है. दिल्ली के जिन 6 अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं बची है उनमें तीरथ राम शाह अस्पताल, यूके नर्सिंग होम, राठी हॉस्पिटल, सैंटम हॉस्पिटल, सरोज सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल हॉस्पिटल शांति मुकुंद हॉस्पिटल शामिल हैं. इन अस्पतालों में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है. बता दें कि ये लिस्ट शाम 5 बजे के करीब दिल्ली सरकार ने जारी की है.Also Read - बेटे के साथ घर लौट रही थी मां, डिवाइडर से टकराई कार, फ्लाइओवर से नीचे गिरकर महिला की मौत

इसके अलावा कई अस्पतालों में कुछ ही घंटों की ऑक्सीजन बची है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से दिल्ली में ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है और कहा कि दिल्ली को उसके कोटे की ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाए. Also Read - Delhi News: घर को किया पैक, फिर जलाई अंगीठी...दीवार पर सुसाइड नोट लिख मां और बेटियों ने की आत्महत्या

इन अस्पतालों में खत्म होने की कराग पर ऑक्सीजन

दिल्ली के इन 6 प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हुई

  1. सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
  2. शांति मुकुंद हॉस्पिटल
  3. तीरथ राम शाह हॉस्पिटल
  4. यूके नर्सिंग होम
  5. राठी हॉस्पिटल
  6. सैंटॉम हॉस्पिटल

इसके अलावा होली फैमिली हॉस्पिटल, ओखला में केवल 2.5 घंटे की ऑक्सीजन बची है. Also Read - Delhi Fire: फर्नीचर गोदाम में लगी भयंकर आग, 11 फायर टेंडर बुझाने के ऑपरेशन में जुटीं

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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ऑक्सीजन लेकर आने वाले टैंकर दिल्ली के अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पुलिस/प्रशासन उन्हें रोक रहा है.

सिसोदिया ने एक पत्र में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और हरियाणा में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ऑक्सीजन ले कर आने वाले टैंकरों को रोक रहे हैं और उन्हें समय पर दिल्ली के अस्पतालों में पहुंचने में देरी कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली को मिला ऑक्सीजन का कोटा बिना देरी के गंतव्य पर पहुंचना सुनिश्चित करें ताकि मरीजों की जीवन रक्षा की जा सके.’’ बृहस्पतिवार की सुबह शहर के कई छोटे अस्पतालों को ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी से जूझना पड़ा, यहां तक कि बड़े अस्पतालों को भी जीवन रक्षक गैस की आपूर्ति रात को हुई है.