farmer leaders, Delhi Police, Lookout Notice, violence in Delhi, FIR, Tractor rally: देश की राजधानी में 26 जनवरी को आंदोलन कर रहे ट्रैक्‍टर रैली के दौरान हुई व्‍यापक हिंसक घटनाओं के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने आज गुरुवार को किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी किया है. अधिकारियों ने कहा- प्राथमिकियों में नामजद किसान नेताओं को अपना पासपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है. वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्‍ली के बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 64वें दिन भी जारी है.Also Read - Republic Day Parade 2022: High Tech सुरक्षा के घेरे में दिल्ली | ज़मीन से आसमान तक रखी जा रही नजर

दिल्ली पुलिस प्रमुख एस एन श्रीवास्तव ने कहा, गणतंत्र दिवस पर हिंसा की घटना के संबंध में दर्ज प्राथमिकियों में नामजद किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. Also Read - Republic Day parade में शामिल होने वालों के लिए दिल्ली पुलिस ने जारी की गाइडलाइंस, इन नियमों का करना होगा पालन

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दिल्ली पुलिस ने कहा, किसान नेताओं, जिनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, प्रक्रिया के एक हिस्से के रूप में उनके पासपोर्ट जब्त किए जाने हैं.

इससे पहले एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर हिंसा के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकियों में नामजद किसान नेताओं के खिलाफ ‘लुक आउट’ परिपत्र जारी करेगी. अधिकारियों ने कहा- प्राथमिकियों में नामजद किसान नेताओं को अपना पासपोर्ट सौंपने के लिए कहा जाएगा.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई सिलसिलेवार बैठकों के बाद यह निर्णय लिए गए. अधिकारी ने कहा कि शाह लगातार दिल्ली की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उन्होंने बुधवार देर रात और बृहस्पतिवार सुबह भी बैठकें की. उन्होंने कहा कि आरोपी किसान नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए गए हैं. एक आरोपी को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए उसके विरुद्ध लुक आउट परिपत्र जारी किया गया है.

दिल्ली पुलिस ने 25 प्राथमिकियां दर्ज की हैं, जिनमें केंद्र सरकार से बातचीत में शामिल 40 किसान नेताओं में से 30 से अधिक के विरुद्ध दर्ज की गई प्राथमिकी भी शामिल हैं. बाहरी दिल्ली में समयपुर बादली पुलिस थाने में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के छह प्रवक्ताओं समेत किसान संगठनों के 37 नेताओं के नाम प्राथमिकी में दर्ज हैं.

दिल्ली पुलिस ने आज ही ट्रैक्टर रैली के दौरान गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के संबंध में पुलिस के साथ समझौते को तोड़ने के लिए योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर एस राजेवाल सहित कम से कम 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किए. दिल्‍ली पुलिस ने उन्हें 3 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा है.

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज उत्तरी दिल्ली के उन दो अस्पतालों का दौरा करेंगे जहां 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों को भर्ती कराया गया है.

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कल बुधवार को इस संबंध में 25 आपराधिक मामले दर्ज किए थे. इस हिंसा में 394 पुलिस कर्मी घायल हुए थे और पुलिस के 30 वाहन क्षतिग्रस्त भी हुए थे.

कृषक संगठनों की केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी. इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प व वाहनों में तोड़-फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लगा दिया था.

राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद बृहस्पतिवार को भी दिल्ली से लगी सीमाओं पर पुलिस बल की भारी तैनाती है. वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 64वें दिन भी जारी है.