Delhi: सेंट्रल विस्टा एवेन्यू से हुए कर्तव्य पथ का भव्य वीडियो आया सामने, देखें यहां

Updated Date:September 7, 2022 3:33 PM IST

दिल्ली के पुनर्विकसित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू, जिसका नाम कर्तव्य पथ होगा, कल शाम PM नरेंद्र मोदी के उद्घाटन करने के बाद जल्द ही सार्वजनिक उपयोग के लिए खोले जाएगा

Central Vista Avenue, Central Vista Avenue video, Central Vista, Delhi, Kartavya Path, Kartavya Path video, : देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के विजय चौक से इंडिया गेट तक पुनर्विकसित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू (redeveloped Central Vista Avenue,) का यह वीडियो ( Central Vista Avenue video) आज बुधवार को सामने आया है. ड्रोन से शूट किया गया यह वीडियो सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के शानदार नजारे को दिखाता है. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) विजय चौक से इंडिया गेट तक पुनर्विकसित 'सेंट्रल विस्टा एवेन्यू' का उद्घाटन कल गुरुवार को करेंगे. इसे कर्तव्य पथ (Kartavya Path) के नाम से जान जाएगा.

Advertising
Advertising

देश की राजधानी दिल्ली के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक स्थान माने जा रहे पुनर्विकसित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में पैदल रास्ते पर लाल ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चारों ओर हरियाली है और इसका क्षेत्रफल 1.1 लाख वर्ग मीटर है. राजपथ पर 133 से अधिक प्रकाश स्तंभ, 4,087 पेड़, 114 आधुनिक संकेतक और कई बगीचे हैं.

यह पहली परियोजना है, जो मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत पूरी हुई है. एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, 900 से अधिक प्रकाश स्तंभ हैं, जिनमें राष्ट्रपति भवन और इंडिया गेट के बीच राजपथ पर लगे और अन्य बगीचों के प्रकाश स्तंभ शामिल हैं. प्रकाश स्तंभ का उद्देश्य सेंट्रल विस्टा को चौबीसों घंटे पैदल चलने वालों के लिये अधिक अनुकूल बनाना है. आठ सुविधा खंड बनाए गए हैं, जबकि चार पैदल यात्री अंडरपास पूरे खंड में बनाए गए हैं. इसके अलावा लाल ग्रेनाइट से बनीं 422 बेंच हैं.

राजपथ के साथ 1,10,457 वर्ग मीटर में फैले नये पैदल मार्ग पर लाल ग्रेनाइट लगाए गए हैं. राजपथ पर 987 कंक्रीट के बने मोटे खंभे लगाए गए हैं और मैनहोल की संख्या 1,490 है.

तीन किलोमीटर लंबे राजपथ का पुनर्विकास

'देश की सत्ता का गलियारा' कहे जाने वाले सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत एक नए त्रिकोणीय संसद भवन, एक साझा केंद्रीय सचिवालय, तीन किलोमीटर लंबे राजपथ का पुनर्विकास, प्रधानमंत्री के नए निवास और कार्यालय और उपराष्ट्रपति के लिए नए एन्क्लेव की परिकल्पना की गई है.

ब्रिटिश काल में किंग्सवे , फिर राजपथ, सेंट्रल विस्टा लॉन अब कर्तव्यपथ

केंद्र सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्थित ऐतिहासिक राजपथ और राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक फैले सेंट्रल विस्टा लॉन का नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने का फैसला किया है.

इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक पूरा मार्ग और क्षेत्र कर्तव्यपथ के नाम से जाना जाएगा. ब्रिटिश काल में राजपथ को किंग्सवे कहा जाता था.

इससे पहले भी अनेक मार्गों के नाम बदले गए

प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में औपनिवेशिक सोच दर्शाने वाले प्रतीकों को समाप्त करने पर जोर दिया था. सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक अगले 25 वर्ष में सभी लोगों के अपने कर्तव्य निभाने के महत्व पर जोर दिया है और कर्तव्यपथ नाम में इस भावना को देखा जा सकता है. कि मोदी सरकार ने इससे पहले भी अनेक मार्गों के नाम बदलकर जन-केंद्रित नाम रखे. साल 2015 में रेसकोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया, जहां प्रधानमंत्री आवास है. साल 2015 में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम रोड किया गया. साल 2017 में डलहौजी रोड का नाम दाराशिकोह रोड कर दिया गया. अकबर रोड का नाम बदलने के भी अनेक प्रस्ताव आए हैं, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

24 घंटे सुरक्षा की व्यवस्था होगी

राजपथ के साथ बने सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में राज्यवार फूड स्टॉल, चारों ओर हरियाली के साथ लाल ग्रेनाइट पैदल मार्ग, वेंडिंग जोन, पार्किंग स्थल और 24 घंटे सुरक्षा की व्यवस्था होगी. इंडिया गेट से मान सिंह रोड तक उद्यान क्षेत्र में उन्हें खाने की इजाजत नहीं होगी. यह खंड 20 महीने बाद जनता के लिए खुलेगा। उद्घाटन के दिन, आगंतुकों को इंडिया गेट से मान सिंह रोड तक जाने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन वे शेष भाग का उपयोग कर सकते हैं. 9 सितंबर से पूरे खंड को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

पांच वेंडिंग जोन, इंडिया गेट के पास दो ब्लॉक होंगे

परियोजना की कार्यकारी एजेंसी केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने पांच वेंडिंग जोन स्थापित किए हैं, जहां 40 विक्रेताओं (प्रत्येक को योजना के अनुसार) को अनुमति दी जाएगी और उन्हें उद्यान क्षेत्र में आगंतुकों को अपना सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी. इंडिया गेट के पास दो ब्लॉक होंगे और प्रत्येक ब्लॉक में आठ दुकानें होंगी. कुछ राज्यों ने अपने फूड स्टॉल लगाने में रुचि दिखाई है. आइसक्रीम कार्ट को केवल वेंडिंग जोन में ही चलने की अनुमति होगी.

पूरे खंड पर 16 पुल हैं. पूरे हिस्से में 1,125 वाहनों के लिए पार्किंग

करीब 80 सुरक्षा गार्ड इस मार्ग पर नजर रखेंगे. यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्ड की भारी तैनाती होगी कि कोई चोरी न हो और नई स्थापित सुविधाओं को नुकसान न पहुंचे. पूरे खंड पर 16 पुल हैं. पूरे हिस्से में 1,125 वाहनों के लिए पार्किंग की जगह बनाई गई है और इंडिया गेट के पास 35 बसों के लिए पार्किंग की जगह निर्धारित की गई है. इसके, अलावा और भी बहुत सी शानदार चीजें हैं.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें