नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्‍ट्रेस (Bollywood Actress) जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) को प्रवर्तन निदेशालय 200 करोड़ रुपए से अधिक के धनशोधन (PMLA) के मामले में गवाह के तौर पर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है. यह जानकारी उनके प्रवक्ता ने शनिवार को दी. जांच ईडी के समक्ष अभिनेत्री के पेश होने के दो दिनों बाद यह बयान आया है. उससे पहले वह कम से कम तीन मौकों पर ईडी (ED) के समन के बावजूद पेश नहीं हुईं.Also Read - महाराष्ट्र सरकार ने संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू किया, कट सकता है 200 से लेकर एक लाख रुपये तक का चालान

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जैकलीन फर्नांडीज के प्रवक्ता ने कहा कि वह जांच में एजेंसी के साथ पूरी तरह सहयोग करेंगी. प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, ”ईडी जैकलीन फर्नांडीज को गवाह के तौर पर बयान दर्ज करने के लिए बुला रहा है. उन्होंने अपना बयान दर्ज करा दिया है और भविष्य में भी जांच में एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगी. Also Read - उद्धव ठाकरे को 22 दिनों के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी, 'वर्क फ्रॉम होम' करेंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

फर्नांडीज के प्रवक्ता ने कहा, ”जैकलीन ने इसमें संलिप्त दंपति के साथ संबंधों को लेकर किए गए कथित अपमानजनक बयानों से भी बार-बार इनकार किया है.

एक्‍ट्रेस का बयान बुधवार को भी धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया. यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और उसकी एक्‍ट्रेस पत्नी लीना मारिया पॉल के खिलाफ दर्ज धनशोधन के मुकदमे से जुड़ा हुआ है. फर्नांडीज इससे पहले अगस्त में एजेंसी के समक्ष पेश हुई थीं और अपना बयान दर्ज कराया था. एक्‍ट्रेस नोरा फतेही ने भी इस मामले में इसी हफ्ते ईडी के समक्ष पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया.

चंद्रशेखर और लीना मारिया पॉल को दिल्ली पुलिस ने फोर्टिस हेल्थेकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिवेंद्र मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह सहित कुछ लोगों से ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था और वे स्थानीय जेल में बंद थे. इसके बाद हाल में उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया.

बता दें पिछले सप्ताह अभिनेत्री नोरा फतेही (29) ने भी इस मामले में ईडी के समक्ष बयान दर्ज कराया था. फतेही के प्रतिनिधियों ने तब कहा था कि वह इस मामले में पीड़ित है और गवाह होने के कारण जांच में अधिकारियों को सहयोग कर रही हैं. चंद्रशेखर और पॉल को हाल ही में ईडी ने गिरफ्तार किया था. दोनों पहले से ही एक स्थानीय जेल में बंद थे, क्योंकि उन्हें दिल्ली पुलिस ने कुछ लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. चंद्रशेखर ने कथित तौर पर जिन्हें ठगा, उनमें फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह जैसे कुछ हाई-प्रोफाइल लोग भी शामिल थे.

ईडी ने अगस्त में चंद्रशेखर के कुछ परिसरों पर छापा मारा था और चेन्नई में समुद्र के सामने एक बंगला, 82.5 लाख रुपए नकद और एक दर्जन से अधिक लग्जरी कारें जब्त की थीं. बयान में दावा किया गया था कि चंद्रशेखर एक ‘ज्ञात ठग’ है और दिल्ली पुलिस द्वारा कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और लगभग 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली के मामले में जांच की जा रही है.

ईडी ने कहा था, ”चंद्रशेखर इस धोखाधड़ी का मुख्य साजिशकर्ता है. वह 17 साल की उम्र से अपराध की दुनिया का हिस्सा रहा है. उसके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज हैं और वर्तमान में वह रोहिणी जेल (दिल्ली पुलिस मामले में) में बंद है. उसने कहा था कि जेल में रहने के बावजूद चंद्रशेखर ने लोगों को ठगना बंद नहीं किया था. ईडी ने दावा किया था, ”उसने (जेल में अवैध रूप से खरीदे गए सेलफोन के साथ) तकनीक की मदद से लोगों को ठगने के लिए स्पूफ कॉल किए, क्योंकि कॉल किए गए पार्टी के फोन नंबर पर प्रदर्शित नंबर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के थे.

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