CDS बिपिन रावत की मौत के बाद हुई कैबिनेट मीटिंग के वीडियो से पाकिस्‍तान में हुई थी छेड़छाड़, स‍िखों को भड़काने की कोशिश

कैबिनेट कमेटी का विकृत या छेड़छाड़ किया गया वीडियो, दिल्ली पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, कहा ये फुटेज पाकिस्तान से आए हैं. वीडियो में कुछ लोगों ने यह दिखाने की कोशिश की यह बैठक सिख समुदाय के खिलाफ थी

Published: January 8, 2022 11:03 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Laxmi Narayan Tiwari

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(कैबिनेट मीट‍िंंग के फर्जी वीड‍ियो का स्‍क्रीन शॉट)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने केंद्र की कैबिनेट कमेटी के विकृत/छेड़छाड़ किया गए वीडियो के सामने आने पर मामला दर्ज करने के एक दिन बाद शनिवार को इस मामले में बड़ा खुलासा किया है. द‍िल्‍ली पुल‍िस ने कहा कि विकृत/छेड़छाड़ किया गए वीडियो के ये फुटेज पाकिस्तान से आए हैं. वीडियो में कुछ लोगों ने यह दिखाने की कोशिश की यह बैठक सिख समुदाय के खिलाफ थी. पुलिस ने कहा था कि सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान, यह देखा गया कि कुछ ट्विटर हैंडल के माध्यम से एक फर्जी और छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो साझा किया गया. तकनीकी विश्लेषण से खुलासा हुआ है कि ये अकाउंट एक ही ब्राउजर से संचालित हो रहे थे. द‍िल्‍ली पुल‍िस ने कहा कि जांच में यह भी पता चला है कि ये अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे हैं और इन 46 अकाउंट को बंद कर दिया गया है.

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हकीकत में यह वीडियो एक कैबिनेट कमेटी की बैठक का है, जो 9 दिसंबर 2021 को हुई थी. यह बैठक प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की हवाई दुर्घटना में मृत्यु के बाद हुई थी. वीडियो विभिन्न समाचार पोर्टलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध था.

पुलिस उपायुक्त (आईएफएसओ) के पी एस मल्होत्रा ने कहा था, ”दुश्मनी को बढ़ावा देने और सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काने के खराब इरादे से, वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई और एक नया वॉइस ओवर लगाया गया, जिसमें कथित व्यक्तियों ने यह दिखाने की कोशिश की कि यह बैठक सिख समुदाय के खिलाफ थी.” पुलिस ने आईपीएस की धारा 153ए के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की गई. उन्होंने कहा कि शुरुआत में दो अकाउंट की पहचान की गई, जिन्होंने उस वीडियो को फैलाया.

पुलिस ने कहा कि तकनीकी जांच में सामने आया कि अनेक अकाउंट हैं, जिन्होंने उसी वीडियो को उसी विषयवस्तु और हैशटैग के साथ ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि सभी अकाउंट पिछले वर्ष अक्टूबर से दिसंबर के बीच बनाए गए. तकनीकी विश्लेषण से खुलासा हुआ है कि ये अकाउंट एक ही ब्राउजर से संचालित हो रहे थे. उन्होंने कहा कि जांच में यह भी पता चला है कि ये अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे हैं और इन 46 अकाउंट को बंद कर दिया गया है.

पुलिस ने ट्वीट किया, ”दिल्ली पुलिस आपसे अनुरोध करती है कि अफवाह नहीं फैलाएं और ऐसे वीडियो को आगे नहीं बढ़ाएं, जो विश्वसनीय नहीं हैं. वैमनस्य पैदा करने वाले किसी भी प्रयास को कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.” (इनपुट: भाषा)

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Published Date: January 8, 2022 11:03 PM IST