देश की राष्ट्रीय राजधानी में कल मंगलवार को कई स्थानों पर पुलिस और ट्रैक्‍टर रैली निकालने वाले प्रदर्शनकारी किसानों के बीच झड़पों में 300 से ज्‍यादा पुलिस जवान घायल हो गए. यह ताजा जानकारी दिल्‍ली पुलिस ने अपने बयान में दी है. Also Read - पूर्व IFS अधिकारी ने खुद को मारी गोली! कई देशों में रह चुके हैं भारत के राजदूत

बता दे कि मंगलवार को कृषक संगठनों की केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी. इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज लगा दिया था. Also Read - Red Fort Violence: दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, यूनाइटेड कश्मीर का अध्यक्ष है मोहिंदर सिंह

दिल्ली पुलिस ने कहा, अतिरिक्त डीसीपी सेंट्रल के ऑपरेटर पर आईटीओ में कल तलवार से हमला किया गया था. Also Read - Delhi Police: पिछले साल दिल्ली पुलिस के 400 से ज्यादा कर्मी निलंबित किए गए, 325 को किया गया दंडित

किसान की ट्रैक्टर की चपेट में आने से हुई थी मौत
दिल्ली पुलिस ने कहा, आईटीओ में कल किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में आईपी पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. किसान, जिसकी ट्रैक्टर की चपेट में आने के बाद मौत हो गई थी, उसके सहित अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

हिंसा के मामले में अभी तक 22 एफआईआर 
अतिरिक्त पीआरओ (दिल्ली पुलिस) अनिल मित्तल ने बताया कि मंगलवार को हुई हिंसा के मामले में अभी तक 22 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं.

शांतिपूर्ण परेड निकालने का आश्वासन दिया था
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर रैली का प्रस्ताव पेश किया गया था। ट्रैक्टर परेड के संबंध में मोर्चा के साथ दिल्ली पुलिस की कई दौर की बैठक हुई थी. पुलिस ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने चार मार्गों पर शांतिपूर्ण परेड निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे छह से सात हजार ट्रैक्टर सिंघू बॉर्डर पर एकत्र हो गए और तय मार्गों के बजाय मध्य दिल्ली की ओर जाने पर जोर देने लगे.

दिल्‍ली ने कही ये अहम बातें
– बार-बार समझाने के बावजूद निहंगों की अगुवाई में किसानों ने पुलिस पर हमला किया और पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया.
– गाजीपुर एवं टीकरी बॉर्डर से भी इसी तरह की घटना की खबरें आईं.
– इसके बाद गाजीपुर एवं सिंघू बॉर्डर से आये किसानों की एक बड़ा समूह आईटीओ पहुंच गया और उसने लुटियन जोन की तरफ जाने का प्रयास किया

– पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो किसानों का एक वर्ग हिंसक हो गया, उन्होंने अवरोधक तोड़ दिए
– प्रदर्शनकारियों ने मौजूद पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया. हालांकि, बाद में पुलिस ने हिंसक भीड़ को नियंत्रित कर लिया.