oxygen, Sambit Patra, BJP, CM Arvind Kejriwal, COVID-19, Delhi, Delhi Govt, Coronavirus, News: दिल्‍ली की आप सरकार के नेताओं द्वारा देश की राजधानी में कोविड संकट के दौरान मरीजों के इलाज के लिए ऑक्‍सीन की कम आपूर्ति के लगाए गए आरोपों के बाद बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर पलटवार किया है. बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, दिल्ली सरकार कोविड प्रबंधन नहीं कर पा रही है. जब दिल्ली में प्रति व्यक्ति ऑक्सीजन की उपलब्धता अधिकतम है, फिर वो ऑक्सीजन कहां जा रहा है, हम ये सवाल पूछते हैं. Also Read - केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 'कोरोना से मौत पर परिवार को मुआवजा नहीं दे सकते, वित्तीय बूते के बाहर है'

भाजपा प्रवक्‍ता ने कहा, अगर कोई मरीज ऑक्सीजन की कमी से पीड़ित है तो यह मानवता के खिलाफ है. लेकिन इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. यदि भारत सरकार महाराष्ट्र और अन्य राज्यों को ऑक्सीजन दे सकती है, तो आप (दिल्ली सरकार) क्यों सोचते हैं कि भारत सरकार दिल्ली के प्रति एक अलग दृष्टिकोण अपना रही है ?. Also Read - राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के पास उपलब्ध हैं कोरोना की 3.06 करोड़ से अधिक टीके, 4 लाख और भेजने की तैयारी

बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा, दिल्ली सरकार ने सही समय पर वेंटिलेटर्स के लिए कोई ऑर्डर नहीं किया. ऑक्सीजन ऑडिट को लेकर केजरीवाल जी ने मना कर दिया था. दिल्ली की सरकार ने सही समय पर सही तरीके से वैक्सीनेशन को आगे नहीं बढ़ाया, इसलिए कई लोगों को वैक्सीन नहीं मिल पाई. ऑक्सीजन के मामले पर भी केजरीवाल जी राजनीति कर रहे हैं. Also Read - PDP की मीटिंग में तय, महबूबा मुफ्ती लेंगी दिल्‍ली में होने वाली ऑल पार्टी मीट पर अंत‍िम फैसला

बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा, 26 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम 1 करोड़ 34 लाख वैक्सीन का ऑर्डर देने वाले हैं और हमने ये मंजूरी दे दी है. आज वे कह रहे हैं हमारे पास कुछ नहीं है. सिसोदिया जी उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहते हैं कि हमने ऑर्डर नहीं दिया है. बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विज्ञापन पर 804.93 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. 7 सालों में जब से वे मुख्यमंत्री हैं, उन्होंने दिल्ली में एक भी अस्पताल नहीं खोला है.

बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा, एक RTI से पता चला है कि पिछले 7 साल में दिल्ली में एक भी नया अस्पताल नहीं खुला है. मौहल्ला क्लीनिक के विषय में भी 2 दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की. लेकिन ये सब जानते हैं कि इन मौहल्ला क्लीनिक में कोविड से संबंधित प्राथमिक उपचार भी नहीं हो रहा.