Farmers Protest Update: किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने सिंधु बॉर्डर पहुंचीं शाहीन बाग की बिलकिस दादी (Bilkis Dadi) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) से दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है. इससे पहले उन्होंने खुद को किसान की बेटी बताकर आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया था. Also Read - मीका सिंह के भाई दलेर मेहंदी का बयान, कहा- किसान प्रदर्शन में सेलेबेट्रियों की दखलंदाजी बेकाम

इससे पहले दिल्‍ली के शाहीन बाग में एंटी सीएए प्रोटेस्‍ट के दौरान सुर्खियों में रही बिलकीस दादी ने कहा था, ‘हम किसानों की बेटियां हैं, आज हम किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए जाएंगी. हम अपनी आवाज उठाएंगे. सरकार को हमें सुनना चाहिए.’

क्यों प्रदर्शन कर रहे किसान?

आंदोलनकारी किसान संगठन केंद्र सरकार से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और इनकी जगह किसानों के साथ बातचीत कर नए कानून लाने को कह रहे हैं. किसानों की 5 प्रमुख मांगें इस तरह हैं…

 तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए क्योंकि ये किसानों के हित में नहीं है और कृषि के निजीकरण को प्रोत्साहन देने वाले हैं. इनसे होर्डर्स और बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा.

– एक विधेयक के जरिए किसानों को लिखित में आश्वासन दिया जाए कि एमएसपी और कन्वेंशनल फूड ग्रेन ​खरीद सिस्टम खत्म नहीं होगा.

– किसान संगठन कृषि कानूनों के अलावा बिजली बिल 2020 को लेकर भी विरोध कर रहे हैं. केंद्र सरकार के बिजली कानून 2003 की जगह लाए गए बिजली (संशोधित) बिल 2020 का विरोध किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस बिल के जरिए बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण किया जा रहा है. इस बिल से किसानों को सब्सिडी पर या फ्री बिजली सप्लाई की सुविधा खत्म हो जाएगी.

– चौथी मांग एक प्रावधान को लेकर है, जिसके तहत खेती का अवशेष जलाने पर किसान को 5 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

(इनपुट; ANI)