Supreme Court, Centre, Central Vista Project, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज मंगलवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘सेंट्रल विस्टा परियोजना’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को अपना फैसला सुनायेगा. इस परियोजना के लिये पर्यावरण मंजूरी दिए जाने और इसके लिए भूमि उपयोग में बदलाव सहित अनेक बिंदुओं पर सवाल उठाउ गए हैं. सुप्रीम कोर्ट में राजीव सूरी सहित अनेक व्यक्तियों ने इस परियोजना को चुनौती दी थी. परियोजना के लिए भूमि उपयोग में बदलाव, पर्यावरण मंजूरी, इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने सहित विभिन्न मंजूरियों पर भी इन याचिकाओं में सवाल उठाए गए हैं.Also Read - Supreme Court On DMRC: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की DMRC की समीक्षा याचिका, रिलायंस इंफ्रा की याचिका पर 6 दिसंबर को होगी सुनवाई

पिछले साल 5 नवंबर को हुई थी सुनवाई
जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ इन याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी. इस पीठ ने पिछले साल 5 नवंबर को इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करते हुए कहा था कि इन पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा. Also Read - Delhi Pollution: दिल्ली में प्रदूषण के बीच खुले स्कूल, सुप्रीम कोर्ट ने AAP सरकार से किया सवाल

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शीर्ष कोर्ट ने 7 दिसंबर को केंद्र सरकार को भूमिपूजन के आयोजन की अनुमति दी थी
हालांकि, इसी दौरान शीर्ष कोर्ट ने 7 दिसंबर को केंद्र सरकार को सेंट्रल विस्टा परियोजना के आयोजन की अनुमति दे दी थी. सरकार ने न्यायालय को आश्वासन दिया था कि इस परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओ का निबटारा होने तक निर्माण कार्य या इमारतों को गिराने या पेड़ों को काटने जैसा कोई काम नहीं किया जाए. परियोजना का शिलान्यास कार्यक्रम 10 दिसंबर को आयोजित हुआ था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन की नयी इमारत की आधारशिला रखी थी.

त्रिभुजाकार संसद भवन का निर्माण का लक्ष्य अगस्त 2022
इस परियोजना की घोषणा पिछले वर्ष सितंबर में हुई थी, जिसमें एक नए त्रिभुजाकार संसद भवन का निर्माण किया जाना है. इसमें 900 से 1200 सांसदों के बैठने की क्षमता होगी. इसके निर्माण का लक्ष्य अगस्त 2022 तक है, जब देश स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा.

तीन किलोमीटर लंबे दायरे में फैली हुई है सेंट्रल विस्टा परियोजना
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत साझा केंद्रीय सचिवालय 2024 तक बनने का अनुमान है. यह परियोजना लुटियंस दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे दायरे में फैली हुई है.

971 करोड़ रुपए का खर्च का अनुमान
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 5 दिसंबर को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंर को नए संसद भवन की आधारशिला रखेंगे और इसका निर्माण कार्य 2022 तक पूरा होने की संभावना है, जिसमें 971 करोड़ रुपए का खर्च आ सकता है.

परियोजना का भविष्य कोर्ट का फैसला तय करेगा
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने कहा था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के लिए जमीनी स्तर पर किसी प्रकार का बदलाव प्राधिकारी अपनी जोखिम पर करेंगे. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि इस परियोजना का भविष्य उसके फैसले पर निर्भर करेगा.

केंद्र सरकार ने रखा था अपना पक्ष
इस मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र ने न्यायालय में तर्क दिया था कि परियोजना से उस धन की बचत होगी, जिसका भुगतान राष्ट्रीय राजधानी में केंद्र सरकार के मंत्रालयों के लिए किराए पर परिसर लेने के लिए किया जाता है. केंद्र ने यह भी कहा था कि नए संसद भवन का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया और परियोजन के लिए किसी भी तरह से किसी भी नियम या कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया गया.

विभिन्न मंजूरियों पर भी इन याचिकाओं में सवाल
सुप्रीम कोर्ट में राजीव सूरी सहित अनेक व्यक्तियों ने इस परियोजना को चुनौती दी थी. परियोजना के लिए भूमि उपयोग में बदलाव, पर्यावरण मंजूरी, इसके लिये अनापत्ति प्रमाण पत्र देने सहित विभिन्न मंजूरियों पर भी इन याचिकाओं में सवाल उठाए गए हैं.

गुजरात की आर्किटेक्चर कंपनी परियोजना के कंसल्‍टेट की बोली जीती है
केंद्र ने परियोजना के लिए सलाहकार का चयन करने में कोई मनमानी या पक्षपात करने से इंकार करते हुए कहा था कि सिर्फ इस दलील पर परियोजना को रद्द नहीं किया जा सकता कि सरकार इसके लिए बेहतर प्रक्रिया अपना सकती थी. गुजरात स्थित आर्किटेक्चर कंपनी ‘एचसीपी डिज़ाइन्स’ ने ‘सेंट्रल विस्टा’ के पुनर्विकास के लिए परियोजना के लिए परामर्शी बोली जीती है.