देश में कोरोना वायरस महामारी से हालात भयावह है, मगर कुछ लोग इस मुश्किल घड़ी में भी दवाईयों के नाम पर ठगी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का है. यहां पुलिस ने नकली रेमेडिसविर (Fake Remdesivir) बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. रेमेडिसविर इंजेक्शन को कोरोना मरीजों के इलाज में कारगार माना जाता है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि दोनों नकली रेमेडिसविर बेच रहे थे. इनके पास से 15 नकली रेमेडिसविर और 34 हजार रुपए कैश बरामद किए गए हैं.Also Read - जाको राखे साइयां मार सके ना कोय...महिला ने बेटी का हाथ पकड़ गंगा में लगाई छलांग, सीओ ने कूदकर बचा ली जान

आरोपियों की कार में एक ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर (Oxygen Concentrator) भी मिला है, जिसे सीज कर गिया गया है. इस संबंध में नांगलोई पुलिस स्टेशन (Nangloi Police station) में केस दर्ज किया गया है. इधर बिहार के भागलपुर (Bhagalpur) में रेमेडिसविर की कालाबाजारी का मामला सामने आया है. आज शनिवार को भागलपुर पुलिस ने बताया कि एक निजी अस्पताल के एक प्रबंधक सहित दो लोगों को एक मृत मरीज के नाम पर रेमेडिसविर इंजेक्शन खरीदने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. भागलपुर के एएसपी पूरन झा ने मामले की जानकारी दी. Also Read - निजी इस्तेमाल के लिए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर IGST असंवैधानिक: दिल्ली उच्च न्यायालय

आरोपियों की पहचान पल्स अस्पताल के मैनेजर राहुल राज और पिंटू ठाकुर के रूप में हुई. छापे के दौरान आलम नामक एक अन्य आरोपी भागने में सफल रहा. रेमेडिसविर इंजेक्शन के अधिकृत डीलर के मालिक पल्सू ठाकुर (मुकुल ट्रेडर्स) पर शक होने के बाद अवैध रूप से सांठगांठ का खुलासा हुआ, जो पल्स अस्पताल से मेडिकल पर्चे लेकर वहां गया था. Also Read - Virender Sehwag ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर, यहां पर मिलेगा फ्री Oxygen Concentrator

झा ने कहा, ‘जांच के दौरान यह सामने आया कि पल्स अस्पताल ने बिहार में स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर रेमेडिसविर इंजेक्शन लगाने के लिए एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया. उस मरीज की गुरुवार दोपहर करीब 3.30 बजे कोरोना के कारण मौत हो गई. इसके बावजूद भी मैनेजर राहुल राज ने पिंटू ठाकुर को एक मृत मरीज के मेडिकल पर्चे पर रेमेडिसविर इंजेक्शन खरीदने के लिए भेजा.’ (एजेंसी इनपुट)