नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) छात्र संघ ने संस्थान में कुछ छात्रों द्वारा किए गए रामलीला मंचन की एक वीडियो क्लिप की सोशल मीडिया पर व्यापक स्तर पर निंदा होने के बाद रविवार को माफी मांगी. इन छात्रों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है.Also Read - PM मोदी 7 दिसंबर को यूपी के गोरखपुर में 9600 करोड़ के प्रोजेक्‍ट्स देश को समर्पित करेंगे, AIIMS का भी उद्घाटन करेंगे

एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा एम्स परिसर में छात्रावास के पास दशहरा के मौके पर रामलीला मंचन किया गया था और इन पर रामायण के कुछ पात्रों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया है. इसे लेकर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की. कई लोगों ने आरोप लगाया कि यह धार्मिक भावनाओं का अपमान है और इस मामले में कार्रवाई की मांग की. Also Read - Twitter पर अचानक घट रहे हैं यूजर्स के फॉलोअर्स, जानें आखिर क्या है इसके पीछे की वजह?

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लोगों की नाराजगी को देखते हुए एम्स छात्र संघ ने ट्वीट कर माफी मांगी. ट्वीट में कहा गया है, ”एम्स के कुछ छात्रों द्वारा की गई रामलीला मंचन की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. छात्रों की ओर से, हम इस मंचन के लिए क्षमा चाहते हैं, जिसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी कोई गतिविधि न हो.”

एक अधिकारी ने कहा कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए एम्स प्रशासन ने छात्रों के साथ चर्चा की. उन्होंने कहा, ”इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझते हुए छात्रों ने एक ट्वीट जारी कर माफी मांगी है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी.

अधिकारी ने कहा कि मंचन किसी आधिकारिक गतिविधि या कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था और छात्रों ने इसे आयोजित किया था. मंचन का हिस्सा रहे प्रथम वर्ष के छात्र ने माफी मांगने के लिए एक वीडियो डाला और कहा कि उन्होंने इसे बचकानापन में आयोजित किया था और जब उन्होंने बाद में वीडियो देखा, तो उन्हें खुद शर्म आई.

एम्स छात्र संघ ने कहा, ”मैं और हम सभी माफी मांगना चाहते हैं और आश्वस्त करना चाहते हैं कि ऐसा फिर कभी नहीं होगा.” उन्होंने वीडियो में कहा, ”हम यहां सभी हिंदू त्योहारों को भव्य तरीके से मनाते हैं ….इसलिए यह सच नहीं है कि हम हिंदुओं के खिलाफ हैं. हम अपने सभी देवी-देवताओं का सम्मान करते हैं.”