Delhi High Court, Delhi government, AAP, MLA, Imran Hussain, oxygen, Delhi, Covid-19, Coronavirus, News: नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court) ने सोमवार को दिल्ली सरकार ( Delhi government) से पूछा कि क्या राष्ट्रीय राजधानी (national capital) में आप के विधायक ( AAP MLA) इमरान हुसैन (Imran Hussain) को ‘रिफिलर’(‘refillar’) के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति (Oxygen Supply) की गई, जिसे घर में ही पृथक-वास में रह रहे लोगों, अस्पतालों और एम्बुलेंस के लिए गैस दी गई थी. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष बीते 7 मई को एक याचिका सुनवाई के लिए आई थी, जिसमें नेताओं पर ऑक्सीजन की जमाखोरी करने का आरोप लगाया गया था.Also Read - Delhi में कोरोना पॉजिटिविटी दर 20 फीसदी के करीब, बढ़ते मामलों के बीच LG की अपील- 'महामारी अभी खत्म नहीं हुई है इसलिए...'

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एक पीठ ने विधायक को ऑक्सीजन की खरीद के दस्तावेज दिखाने को कहा, जिन्होंने दावा किया है कि उन्हें गैस दिल्ली से नहीं मिली बल्कि उन्होंने इसे फरीदाबाद और हरियाणा से खरीदा है. Also Read - दो साल तक कोरोना से दूर रहे द्वीपों पर बरसने लगा कहर, अचानक से कई गुणा सामने आए मामलों ने बढ़ाई चिंता

उच्च न्यायालय ने केन्द्र और दिल्ली सरकारों से कहा, कोविड-19 के इलाज में काम आने वाली दवाओं और चिकित्सकीय उपकरणों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कुछ करने की जरुरत है. Also Read - सेवा शुल्क मामला: हाई कोर्ट ने कहा, रेस्तरां में सेवा शुल्क लेने की क्या जरूरत है, बढ़ा सकते हैं दाम

हुसैन के वकील विकास पाहवा ने अदालत से कहा कि विधायक ने गैस दिल्ली के बाहर से खरीदी है, जबकि सिलेंडर राष्ट्रीय राजधानी से ही किराए पर लिए गए और यह साबित करने के लिए उनके पास सबूत भी है. इसके बाद ही अदालत ने यह निर्देश दिया. रसीद रिकॉर्ड में पेश नहीं होने के कारण अदालत ने विधायक को उनके दावों के पक्ष में दस्तावेज पेश करने का निर्देश देते हुए मामले को 13 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया.

याचिका में नेताओं पर ऑक्सीजन की जमाखोरी का आरोप
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष बीते 7 मई शुक्रवार को एक याचिका सुनवाई के लिए आई थी, जिसमें नेताओं पर ऑक्सीजन की जमाखोरी करने का आरोप लगाया गया था. अदालत ने कोविड-19 मरीजों के लिए जनता को ऑक्सीजन वितरित करने के दावे पर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक इमरान हुसैन से जवाब मांगा था. न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने इस याचिका पर दिल्ली सरकार और कैबिनेट मंत्री हुसैन को नोटिस जारी किए थे. हुसैन को शनिवार को सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. अदालत ने कहा कि यह देखना होगा कि विधायक को ऑक्सीजन कहां से मिल रही थी, क्योंकि गुरुद्वारे भी ऑक्सीजन वितरित कर रहे हैं. अदालत ने कहा था, “उन्हें संभवत: फरीदाबाद से यह मिल रही है, आपको कई समस्या नहीं होनी चाहिए अगर वह आवंटित स्रोत में से इसे नहीं ले रहे हैं और अपने सिलेंडरों की व्यवस्था खुद कर रहे हैं.

याचिकाकर्ता के वकील ने फेसबुक पोस्ट को दिखाकर कहा था जमाखोरी की जा रही
याचिकाकर्ता के वकील ने हुसैन द्वारा ऑक्सीजन वितरण से संबंधित एक फेसबुक पोस्ट दिखाया और दलील दी कि इसकी जमाखोरी की जा रही है. दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि भले ही भाजपा नेता गौतम गंभीर हों या आप विधायक इमरान हुसैन, अगर किसी तरह के उल्लंघन की जानकारी मिलती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.गंभीर ने इससे पहले ट्वीट किया था कि कोविड-19 मरीजों के लिए अहम मानी जाने वाली कुछ दवाइयां उनके कार्यालय में उपलब्ध हैं और जिन्हें जरूरत है, वे वहां से ले सकते हैं. उन्होंने यह भी ट्वीट किया था कि उन्होंने ऑक्सीजन सांद्रकों का प्रबंध किया है और जिन्हें जरूरत हो वे इन्हें ले सकते हैं.