Weekend curfew in Delhi, नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए (to contain the spread of COVID-19) लगाया जाने वाला सप्ताहांत कर्फ्यू (weekend curfew) शुक्रवार रात से लागू हो गया और सभी गैर-जरूरी गतिविधियों (non-essential activities) पर अगले 55 घंटों के लिए रोक लगा दी गई है.Also Read - Booster Dose: कोरोना के बूस्टर डोज को लेकर WHO की तरफ से आया यह बयान...

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने एक जनवरी के अपने आदेश के तहत शुक्रवार की रात 10 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक सप्ताहांत कर्फ्यू लगाया है. Also Read - कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच यहां लगाया गया Lockdown, जानें किन चीजों पर पाबंदी

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दिल्ली मेट्रो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि पिछले सप्ताह जारी डीडीएमए के दिशानिर्देशों के अनुपालन के तहत सप्ताहांत (15-16 जनवरी) को मेट्रो ट्रेन सेवाएं नियमित रहेंगी.

कर्फ्यू के दौरान मेट्रो सेवाएं और सार्वजनिक परिवहन बसें पूरी सीट क्षमता के साथ चलेंगी लेकिन खड़े होकर यात्रा की अनुमति नहीं होगी.

आवश्यक सेवाओं के लिए पिछले सप्ताह जारी किए गए ई-पास कर्फ्यू के दौरान मान्य होंगे. सप्ताहांत के कर्फ्यू के दौरान किराना, सब्जियां और फल, दवाएं, दूध सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के कारोबार को छोड़कर बाजार बंद रहेंगे.

दिल्ली में कोविड-19 के 24383 नये मामले आए, 34 और मरीजों की मौत

दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 24,383 नए मामले सामने आये जबकि 34 और मरीजों की मौत हो गई, वहीं संक्रमण दर बढ़कर 30.64 प्रतिशत दर्ज की गई. यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े से मिली. नये मामलों की संख्या हालांकि बृहस्पतिवार की तुलना में कम है, लेकिन संक्रमण दर में वृद्धि हुई है.
बृहस्पतिवार को दिल्ली में कोविड​​-19 के 28,867 मामले सामने आए थे, जो महामारी की शुरुआत के बाद से एक दिन में सबसे अधिक वृद्धि है. वहीं, 31 मरीजों की मौत हो गई थी जबकि संक्रमण दर 29.21 प्रतिशत थी.

दिल्ली में इससे पहले एक दिन में सबसे अधिक वृद्धि  पिछले साल 20 अप्रैल को हुई थी, जब  28,395 केस आए थे

दिल्ली में इससे पहले एक दिन में सबसे अधिक वृद्धि तब दर्ज की गई थी, जब पिछले साल 20 अप्रैल को 28,395 मामले सामने आये थे. आंकड़े के मुताबिक, शुक्रवार की संक्रमण दर एक मई के बाद सबसे ज्यादा है, जब यह 31.61 फीसदी थी. बुधवार को, दिल्ली में 40 मरीजों की मौत हुई थी, जो पिछले साल 10 जून के बाद सबसे अधिक थी, जब 44 मौतें हुई थीं. सरकारी आंकड़े के मुताबिक, 2,529 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. 815 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, जिनमें से 99 वेंटिलेटर पर हैं.