
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर अब लगाम लगने जा रही है. दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 और इससे संबंधित नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं, बल्कि एक अधिकार माना जाए. इस नए कानून से पैरेंट्स को मनमाने तौर पर फीस बढ़ोत्तरी से राहत मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस कानून की घोषणा करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने 27 वर्षों तक इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे कुछ ही दिनों में लागू कर दिया है. कानून लागू होने के बाद शिक्षा विभाग अब अधिनियम और नियमों में निर्धारित प्रक्रियाओं जैसे फीस प्रस्तावों की जांच, रिपोर्टिंग और स्कूलों की निगरानी को लागू करना शुरू करेगा.
दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 कानून के लागू होने के बाद अब निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे. अभिभावकों को सशक्त बनाने और शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाली के लिए यह कानून लाया गया है, जिससे किसी भी अनुचित और अचानक फीस वृद्धि पर पूरी तरह से रोक लग सके.
दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 के महत्वपूर्ण प्रावधान इस प्रकार है…
फीस निर्धारण में अभिभावकों की अनिवार्य भागीदारी: फीस तय करने या संशोधित करने की प्रक्रिया में अब अभिभावकों की भागीदारी को अनिवार्य कर दिया गया है.
स्कूल को सार्वजनिक करना होगा व्यय: स्कूलों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने वित्तीय विवरण, खर्च, निधि का उपयोग और फीस संरचना का सार्वजनिक रूप से खुलासा करें. इससे स्कूलों के बही-खातों में पारदर्शिता आएगी.
कठोर शिकायत निवारण तंत्र: अधिनियम में एक स्पष्ट और मजबूत शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया गया है.
अनधिकृत वृद्धि पर तुरंत कार्रवाई: किसी भी अनधिकृत या अवैध फीस वृद्धि पर सरकार द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
पूर्व स्वीकृति आवश्यक: फीस वृद्धि करने से पहले स्कूलों को एक विस्तृत प्रक्रिया का पालन करना होगा और इसके लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा.
कानून की घोषणा करते हुए मंत्री सूद ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस नए कानून को सफल बनाने और पारदर्शिता बनाए रखने में सरकार का सहयोग करें. सरकार ने आश्वासन दिया है कि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. यह कानून दिल्ली के निजी स्कूलों की निगरानी को मजबूत करेगा और अभिभावकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करेगा.
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