नई दिल्ली. भारत में आठवां थियेटर ओलंपिक शुरू हो गया है. 17 फरवरी की शाम लाल किले में उपराष्ट्रपति द्वारा औपचारिक उद्घाटन के बाद अब आप 8 अप्रैल तक विभिन्न भाषाओं के नाटक देखने का आनंद उठा सकते हैं. आपको जानकर ताज्जुब होगा कि थियेटर ओलंपिक में सबसे ज्यादा बंगाली भाषा के नाटकों के शो पेश किए जाएंगे. वहीं हिन्दी के 18 नाटक आप इस नाटकों के महाकुंभ में देख सकते हैं. इनमें दुनिया के जाने-माने लेखकों के अलावा नोबल पुरस्कार प्राप्त साहित्यकारों की कृतियों पर आधारित नाटक भी शामिल हैं. Also Read - Sarkari Naukri 2020: NSD Recruitment 2020: NSD में इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, 1 लाख तक होगी सैलरी

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25 से ज्यादा भाषाओं में नाटक Also Read - जाने-माने कलाकार इब्राहीम अल्काज़ी नहीं रहे, थिएटर को शिखर तक पहुंचाने का है श्रेय

असमी 6, अजरबैजानी 1, बंगाली 23, अंग्रेजी 17, गुजराती 1, हरियाणवी 1, हिन्दी 18, हिन्दुस्तानी 1, इतालवी 1, कन्नड़ 7, कोंकणी 1, कुरमाली 1, मलयाली 4, मणिपुरी 1, मराठी 14, मेवाती 1, नेपाली 2, ओड़िया 1, पोलिश 2, पंजाबी 3, राजस्थानी 2, संस्कृत 3, सिंहला 2, तमिल 2 और टुलू में 1 नाटक का शो होगा. इनके अलावा एक से अधिक भाषाओं में कुल 3 नाटक और नॉन वर्बल में 10 शो प्रदर्शित किए जाएंगे.

देश के 17 शहरों में ओलंपिक के शो

आठवें थियेटर ओलंपिक के तहत नाटक, सेमिनार, संगोष्ठी, मास्टर क्लास आदि आयोजन होने हैं. इन सबका प्रदर्शन देश के विभिन्न इलाकों के 17 शहरों में होगा. थियेटर ओलंपिक की शुरुआत दिल्ली से हुई है, वहीं समापन मुंबई में 8 अप्रैल को होगा. इनके अलावा चेन्नई, बेंगलुरू, तिरुअनंतपुरम, भुवनेश्वर, कोलकाता, पटना, अगरतला, गुवाहाटी, वाराणसी, भोपाल, मणिपुर, जयपुर, चंडीगढ़, जम्मू और अहमदाबाद में थियेटर ओलंपिक के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

भारत में शुरू होने वाला है नाटकों का महाकुंभ, थियेटर ओलंपिक 17 से

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ओलंपिक का थीम ‘फ्लैग ऑफ फ्रेंडशिप’

भारत में पहली बार हो रहे आठवें थियेटर ओलंपिक का थीम ‘फ्लैग ऑफ फ्रेंडशिप’ रखा गया है. इस वैश्विक समारोह का आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय यानी एनएसडी कर रहा है. एनएसडी के अनुसार थियेटर ओलंपिक के आयोजन से दुनिया में भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को मदद मिलेगी. यह आयोजन भारतीय रंगमंच को दुनिया के नक्शे पर प्रमोट करेगा. साथ ही हमारी विविधता से दुनियाभर के दर्शक परिचित होंगे.