भूलने की कोशिश करने पर भी भुला न सकोगे, 'द बंगाल फाइल्स' के ये 3 दमदार डायलॉग, खुद बोलकर देख लो?

The Bengal Files: फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स के तहलका मचाने के बाद अब द बंगाल फाइल्स लोगों के ज़मीर को झकझोर देने के लिए तैयार है.

Published date india.com Published: August 20, 2025 6:32 PM IST
3 powerful dialogues from The Bengal Files vivek agnihotri shared wont be able to forget
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The Bengal Files: विवेक अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स : राइट टू लाइफ’ 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है. 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखाली दंगों पर आधारित फिल्म के तीन दमदार डायलॉग को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए निर्माता ने बताया कि देश को यह लाइन्स हमेशा याद रहेंगी.

विवेक ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के एक पोस्टर को शेयर करते हुए तीन दमदार डायलॉग्स का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने ‘देश को झकझोरने वाला’ बताया. कैप्शन में उन्होंने लिखा, “ऐसे संवाद जिन्होंने देश को झकझोर रख दिया. तीखे प्रहार करने वाले संवाद जो आपको हमेशा याद रहेंगे.”

ये डायलॉग्स बंगाल के 1940 के दशक के सांप्रदायिक दंगों और राजनीतिक फैसलों के प्रभाव को उजागर करते हैं, जो भारतीय इतिहास के एक काले अध्याय को दर्शाते हैं. फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, दर्शन कुमार और अन्य कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं.

पहली लाइन अभिनेत्री सिमरत कौर की रहती है, ‘जमीन का टुकड़ा नहीं, भारत का लाइटहाउस है बंगाल.’

दूसरी लाइन पल्लवी जोशी की है, जिसमें वह कहती हैं, ‘ये सब एक खेल है, लोग लड़ते हैं, देश जलता है और खेल चलता रहता है.’

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तीसरी लाइन मिथुन चक्रवर्ती की है, वह हाथ में ताबीज और मौली लेकर पूछते हैं, ‘बता सकते हो इनमें से ‘वी द पीपल ऑफ इंडिया’ कौन है.’

यह फिल्म अग्निहोत्री की ‘फाइल्स ट्रायोलॉजी’ की तीसरी और अंतिम कड़ी है, जिसमें ‘द ताशकंद फाइल्स’ (2019) और ‘द कश्मीर फाइल्स’ (2022) शामिल हैं. इस फिल्म को पहले ‘द दिल्ली फाइल्स’ के नाम से जाना जाता था, लेकिन जनता की मांग पर इसका नाम बदलकर ‘द बंगाल फाइल्स’ कर दिया गया.

अग्निहोत्री ने बताया कि फिल्म के लिए चार साल तक गहन शोध किया गया, जिसमें 20 राज्यों की यात्रा, 100 से अधिक किताबें और 7,000 से ज्यादा शोध पेज शामिल हैं. वे कहते हैं, “यह फिल्म भारत की नियति को दिल्ली से जोड़ती है, लेकिन इसका केंद्र बंगाल की अनकही सच्चाई है.”

अग्निहोत्री ने बताया कि यह फिल्म दर्शकों को इतिहास के उन पहलुओं से रूबरू कराएगी, जो अब तक छिपाए गए. हालांकि, कोलकाता में ट्रेलर लॉन्च के दौरान पुलिस द्वारा रुकावट का सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने राजनीतिक दबाव बताया.

(इनपुट एजेंसी)

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