नई दिल्ली:  बॉलीवुड की दुनिया में अपने अभिनय से सबके दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस दिव्या दत्ता (Divya Dutta) ने फिल्म इंडस्ट्री में लगभग 26 साल का सुनहरा सफर तय कर लिया है. बीते 25 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाने वाली दिव्या हिंदी फिल्मों के अलावा पंजाबी फिल्मों में भी सक्रीय हैं. दिव्या दत्ता ने अपने करियर की शुरुआत 1994 में फिल्म इश्क में जीना इश्क में मरना फिल्म की. उसके बाद साल 1995 में उन्होंने अपने करियर की पहली बतौर लीड फिल्म सलमान खान के अपोजिट ‘वीरगति’ की.  दिव्या ने कई फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं करके अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी.Also Read - Divya Dutta ने बताया मां का वो दर्दनाक हादसा, अभी तक भूल नहीं पाई है...

‘इरादा’ में अपनी भूमिका के लिए उन्होंने 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री) जीता. ये वो फिल्में हैं जिन्होंने उनके करियर को पूरी तरह से बदल दिया. Also Read - दिव्या दत्ता बचपन में इस एक्टर की तरह बनना चाहती थीं, हर वक़्त उसी गेटअप में रहना था पसंद  

वीर जारा (2004) Also Read - अब दिव्या दत्ता को आया इतने हज़ार का बिजली बिल, कहा- 'शगुन देना है लॉकडाउन का'

यश चोपड़ा की इस फिल्म को याद करते हुए दिव्या ने कहा, “उस समय तक मैंने कुछ ही फिल्मों में काम किया था, लेकिन पहचान मुझे ‘वीर जारा’ के कारण मिली. कई लोगों की तरह मैं भी यश चोपड़ा को देखकर बड़ी हुई हूं. मैं सपनों में भी खुद को एक वाईआरएफ नायिका बनते देखती थी! बेशक ‘वीर जारा’ में भी ऐसा नहीं हुआ, लेकिन इससे मुझे व्यावसायिक सिनेमा में जबरदस्त पहचान मिली.”

दिल्ली 6 (2009)

दिव्या ने कहा, “मैंने पहली बार राकेश ओम प्रकाश मेहरा के साथ काम किया. मेरा किरदार समाज के एक अभिन्न अंग को पेश करने वाला था.” इस फिल्म में दिव्या ने जलेबी नाम की एक स्वीपर की भूमिका निभाई थी. जो एक निचली जाति की और अछूत है.

भाग मिल्खा भाग (2013)

मिल्खा सिंह की बहन के किरदार को लेकर दिव्या ने कहा, “यह बहुत ही शानदार तरीके से लिखा गया कैरेक्टर था. वैसे तो यह एक आदमी पर बनी बायोपिक थी लेकिन उसकी जिंदगी में उसकी बहन का अहम योगदान होता है और इस तरह कहीं न कहीं यह एक भाई-बहन की कहानी बन जाती है. इस किरदार के लिए मुझे बहुत प्यार और प्रशंसा मिली.”

बदलापुर (2013)

अभिनेत्री ने इस फिल्म को लेकर कहा, “मुझे लगता है कि मेरे करियर में यह फिल्म भी बहुत महत्वपूर्ण थी क्योंकि मैं फिर से वरुण धवन जैसे सुपरस्टार के साथ बेहद अलग किरदार में दर्शकों के बीच पहुंची. यह ऐसी फिल्मों में से एक है जो मेरे दिल के करीब हैं.”

स्पेशल 26 (2013) और रामसिंह चार्ली (2020)

कुछ ही हफ्तों पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हुईं फिल्में ‘स्पेशल 26’ (2013) और ‘रामसिंह चार्ली’ भी दिव्या के लिए बेहद खास हैं. दिव्या कहती हैं, “इन दोनों फिल्मों की शूटिंग के दौरान मुझे इन किरदारों को निभाने के लिए बहुत कुछ भूलना पड़ा. नीरज पांडे (स्पेशल 26 के निर्देशक) और नितिन कक्कड़ (रामसिंह चार्ली के निर्देशक) के काम करने की शैली बहुत अलग है और शूटिंग के पहले दिन मैं नर्वस थी. शायद इसी चीज ने मुझे अपना बेस्ट देने के लिए प्रेरित किया.”

इनपुट- एजेंसी