भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में संगीत को एक नया आयाम दिलानेवाले संगीतकार ए आर रहमान की एक अलग पहचान है. रहमान आज अपना 52 वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका असली नाम दिलीप कुमार था लेकिन बाद में उन्‍होंने अपना नाम बद‍ल दिया था. उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनके ज़िंदगी की कुछ खास बातें.

6 जनवरी 1967 को तमिलनाडु में जन्में रहमान का रूझान बचपन के दिनों से हीं संगीत की ओर था. उनके पिता आर.के.शेखर मलयालम फिल्मों के लिए संगीत दिया करते थे. रहमान भी अपने पिता की तरह ही संगीतकार बनना चाहते थे. संगीत के प्रति रहमान के बढ़ते रूझान को देख उनके पिता ने उन्हे इस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया और उन्हें संगीत की शिक्षा देने लगे.

जन्म के समय उनका नाम ए एस दिलीप कुमार था. लेकिन उन्हें अपने इस नाम से नफरत थी इसलिए रहमान ने बाद में अपना नाम बदल लिया क्योंकि ये नाम उन्हें, उनके संघर्ष के दिनों की याद दिलाता था.

 

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एक बार उनके घर में उनके पिता के एक मित्र आए और जब उन्होंने रहमान की बनाई धुन सुनी तो सहसा उन्हे विश्वास नहीं हुआ उनकी परीक्षा लेने के लिए उन्होंने हारमोनियम के ऊपर कपड़ रख दिया और रहमान से धुन निकालने के लिए कहा. हारमोनियम पर रखे कपड़े के बावजूद रहमान की उंगलियां बोर्ड पर थिरक उठी और उस धुन को सुन वह चकित रह गए.

रहमान अभी संगीत सीख हीं रहे थे तो उनके सर से पिता का साया उठ गया लेकिन रहमान ने हिम्मत नही हारी और संगीत का रियाज सीखना जारी रखा.

रहमान कभी भी फिल्मों में संगीत देना नहीं चाहते थे. वे बैंड और नॉन-फिल्मी म्यूजिक तक सीमित रहना चाहते थे. लेकिन उन्हें फिल्म म्यूजिक चुनना पड़ा.

 

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25 साल की उम्र में रहमान खुद को बेहद असफल मानते थे और रोज आत्महत्या के बारे में सोचते थे.

 

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Long ago 😊

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वर्ष 1989 की बात है रहमान की छोटी बहन काफी बीमार पड़ गई और सभी डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया कि उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं है.

 

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रहमान ने अपनी छोटी बहन के जीवन की खातिर मंदिर-मस्जिदों में दुआयें मांगी जल्द हीं उनकी दुआ रंग लाई और उनकी बहन चमत्कारिक रूप से एकदम स्वस्थ हो गई.इस चमत्कार को देख रहमान ने इस्लाम कबूल कर लिया और इसके बाद उनका नाम ए.एस. दिलीप कुमार से अल्लाह रखा रहमान यानि ए.आर.रहमान हो गया.

 

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रहमान की अरेंज मैरिज हुई थी. अपनी पहली मुलाकात में उन्होंने पत्नी सायरा बानो से कहा था, ‘अगर हम डिनर कर रहे होंगे और मुझे कोई धुन सूझेगी, तो हमें डिनर छोड़ना होगा.’ इस बारे में उनकी पत्नी कहती हैं कि रहमान ने उन्हें शादी से पहले ही ‘ऑटो-ट्यून’ कर दिया था.

ए आर रहमान ने साईरा बानू से शादी की एवं वर्तमान में रहमान जी के तीन बच्चे हैं खातिजा, रहीमा और अमीन. रहमान जी म्यूजिक कंपोजर जी वी प्रकाश कुमार के रिश्ते में चाचा लगते हैं, जो की रहमान की बड़ी बहन ए आर रहमान के बेटे हैं.

 

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कुछ दिनो के बाद रहमान ने एक बैंड की नींव रखी जिसका नाम था नेमेसीस एवेन्यू. वह इस बैंड में सिंथेनाइजर, पियानो, गिटार, हारमोनियम बजाते थे. अपने संगीत के शुरूआती दौर से ही रहमान को सिंथेनाइजर ज्यादा अच्छा लगता था. उनका मानना था कि वह एक ऐसा वाद्य यंत्र है जिसमें संगीत और तकनीक का बेजोड मेल देखने को मिलता है.

बैंड ग्रुप में काम करते हुए ही उन्हें लंदन के ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ म्यूजिक से स्कॉलरशिप भी मिली, जहाँ से उन्होंने पश्चिमी शास्त्रीय संगीत में डिग्री हासिल की.

ए आर रहमान ने 1991 में अपना खुद का म्यूजिक रिकॉर्ड करना शुरु कर दिया था. उन्हें फिल्म डायरेक्टर मणिरत्नम ने अपनी फिल्म रोज़ा में संगीत देने का न्यौता दिया. फिल्म म्यूजिकल हिट रही और पहली फिल्म में ही रहमान ने फिल्मफेअर जीता. इस पुरस्कार के साथ शुरू हुआ रहमान की जीत का सिलसिला आज तक जारी है. रहमान के गानों की २०० करोड़ से भी अधिक रिकॉर्डिग बिक चुकी हैं.

उन्होंने बॉम्बे, दिल से, रंगीला,ताल,जींस,पुकार,फिज़ा, लगन,मंगल पांडे,स्स्वदेश,रंग दे बसंती, जोधा अकबर,जाने तू या जाने ना,युवराज,स्लम डॉग मिलेनियर, गजनी जैसी फिल्मों में संगीत दिया.

 

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रहमान ने 1991 में देश की आजादी की 50 वीं वर्षगाँठ पर “वंदे मातरम्‌” एलबम बनाया, जो जबर्दस्त सफल रहा. भारत बाला के निर्देशन में बनी एलबम “जन गण मन”, जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़ी कई नामी हस्तियों ने सहयोग दिया उनका एक और महत्वपूर्ण काम था.
रहमान ने कई विज्ञापनों के जिंगल लिखे और उनका संगीत बनाया.

 

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रहमान ने जाने-माने कोरियोग्राफर प्रभुदेवा और शोभना के साथ मिलकर के डांसरों का ट्रुप बनाया. इसके ज़रिये कई जहास परफोर्म किया जिसे लोगों ने खूब पसंद किया. इतना ही नहीं बल्कि दुनिया के मशहुर डांसर और सिंगर माइकल जैक्सन के साथ मिलकर उन्होंने स्टेज शो किए.

ऐसा नहीं हैं की ए आर रहमान ने कभी आलोचना का सामना नहीं किया. बल्कि रहमान को कड़ी आलोचना सहनी पड़ी. धर्म परिवर्तन करने की वजह से अक्सर कट्टर पंथी आये दिन उन्हें निशाना बनाते रहते हैं.

हाल ही में रहमान के ईरानी फिल्म में म्यूजिक दिए जाने पर फतवा भी जारी किया गया था. आमिर के असहिष्णुता वाले बयान के बाद बवाल मच गया था तब रहमान ने सफाई थी.