मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है. हर पॉलिटिकल पार्टी इस मामले पर अपनी राय रख रही है. मगर महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) पर कुछ लोग और राजनितिक पार्टियां निशाना साध रहे हैं. इसी बीच दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता की मौत के 50 दिन बाद आदित्य ठाकरे ने आखिकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन पर लगाए जा रहे आरोपों और उनके खिलाफ हो रही कानाफूसी को घटिया राजनीति करार देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि अब तक इस मामले से उन्होंने दूरी बना कर रखा है और इससे उनका कोई संबंध नहीं है.Also Read - दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता Sushant Singh Rajput के 5 परिजनों की सड़क हादसे में मौत

उन्होंने एक बयान में कहा, “महाराष्ट्र सरकार कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. सरकार की सफलता और लोकप्रियता को देखते हुए जो लोग इसे पचा नहीं पा रहे हैं उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत मामले के साथ राजनीति का खेल खेलना शुरू कर दिया है.” उन्होंने किसी का नाम न लेते हुए कहा कि राजनीतिक दृष्टि से कुछ असंतुष्ट लोग अनावश्यक रूप से ठाकरे परिवार और उन्हें निशाना बना रहे हैं. Also Read - Defamation Case: कंगना रनौत मुंबई की कोर्ट में पेश हुईं, जावेद अख्तर ने दायर किया था मामला

आदित्य ठाकरे ने कहा, “सुशांत की मौत दुखद और हैरान कर देने वाला है, लेकिन इस मामले के साथ मेरा कोई भी संबंध नहीं है.” उन्होंने इस बात को स्वीकारा कि कई फिल्मी हस्तियों के साथ उनकी दोस्ती है और यह कोई जुर्म नहीं है. आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस की एक वैश्विक प्रतिष्ठा है और वे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, लेकिन जिन्हें कानून में विश्वास नहीं है केवल वे लोग जांच को गुमराह करने के लिए इस तरह के भयावह आरोप लगा रहे हैं. Also Read - Sushant Singh Rajput की याद में फिर टूट गईं Ankita Lokhande, बोलीं- उनकी जगह कोई नहीं ले सकता...

उन्होंने आगे कहा, “मैं यह स्पष्ट कर दूं कि मैं हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे का पोता हूं और मैं कभी भी ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे महाराष्ट्र, शिवसेना या ठाकरे परिवार की छवि खराब हो. जो इस तरह के घटिया आरोप लगा रहे हैं वे इस बात को जान लें.” उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी के पास इस मामले से संबंधित कोई ठोस सबूत है, तो उन्हें पुलिस से संपर्क करना चाहिए, जो इसकी जांच करेगी लेकिन कोई इस तरह के ख्याल न पालें कि इस तरह से बदनामी कर वे सरकार या ठाकरे परिवार की छवि को बर्बाद करने में सफल हो जाएंगे.

इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा के राज्यसभा सांसद नारायण राणे द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद कि सुशांत और उनकी पूर्व-मैनेजर दिशा सालियान की ‘हत्या’ हुई है.